महिला आरक्षण बिल: CM मोहन यादव ने कांग्रेस को बताया 'आधुनिक कौरव', सागर में दिए ₹58 करोड़ के तोहफे
सारांश
Key Takeaways
- CM मोहन यादव ने 23 अप्रैल को सागर में कांग्रेस की तुलना कौरवों से की, महिला आरक्षण बिल न पास होने को द्रौपदी चीरहरण से जोड़ा।
- नरयावली, सागर में ₹58 करोड़ 46 लाख की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन हुआ।
- सांदीपनि विद्यालय का उद्घाटन किया गया; CM ने बच्चों से संवाद कर उन्हें प्रेरित किया।
- मध्य प्रदेश में 17 महिला कलेक्टर हैं; BJP संगठन महिलाओं को 30%25 आरक्षण दे रहा है।
- गेहूं का MSP ₹2625 प्रति क्विंटल; जरूरत पड़ने पर ₹2700 प्रति क्विंटल पर भी खरीद का वादा।
- केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड में पानी की समस्या और पलायन रोकने का लक्ष्य।
सागर, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पारित न हो पाने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसकी तुलना महाभारत के कौरवों से की। उन्होंने कहा कि जैसे द्रौपदी चीरहरण के वक्त कौरव थे, वैसे ही आज महिलाओं के अधिकारों को रोकने में कांग्रेसी हैं — दोनों में कोई अंतर नहीं। यह बयान गुरुवार, 23 अप्रैल को सागर जिले के नरयावली में ₹58 करोड़ 46 लाख के 98 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन समारोह के दौरान दिया गया।
कौरव और कांग्रेस की तुलना — क्या बोले CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पांच हजार साल पहले भरे दरबार में कौरवों ने द्रौपदी का चीरहरण किया था। उसी तरह कुछ दिन पहले लोकसभा में वही नाटक दोहराया गया, जब कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक को पास नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को अधिकार देने के लिए जो निर्णय लिया था, कांग्रेसियों ने मुस्कुराते हुए उस पर पानी फेर दिया। PM मोदी ने यहां तक कहा था कि श्रेय ले लो, विज्ञापन भी छपवा देंगे, लेकिन कांग्रेस ने फिर भी सहयोग नहीं किया।
सीएम ने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि माता का नाम लेने से भगवान प्रसन्न होते हैं — जब तक राधा नहीं बोलो, कन्हैया मुस्कुराते नहीं; जब तक सीता माँ को याद न करो, भगवान राम का आशीर्वाद नहीं मिलता। यह हमें माताओं-बहनों के सम्मान का बोध कराता है।
सागर में ₹58.46 करोड़ के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण
नरयावली, सागर में सीएम मोहन यादव ने ₹58 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सांदीपनि विद्यालय का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों से संवाद कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। यह समारोह क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण पर BJP का दावा और आंकड़े
सीएम मोहन यादव ने कहा कि BJP का संगठन महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दे रहा है। मध्य प्रदेश में 17 बहनें कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। सागर की सांसद, महापौर और कलेक्टर — तीनों ही महिलाएं हैं।
उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बहनें अपना अपमान कभी नहीं भूलती हैं। PM मोदी के शब्दों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा — कांग्रेस से हिसाब जरूर लेना। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार माताओं-बहनों को 33 फीसदी आरक्षण दिलाकर रहेगी।
किसान, बुंदेलखंड और केन-बेतवा परियोजना
सीएम मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार ने इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। बुंदेलखंड में पानी की कमी के कारण होने वाले पलायन को रोकने के लिए PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों को ₹5 में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। गेहूं का MSP ₹2625 रुपए प्रति क्विंटल है और सरकार जरूरत पड़ने पर ₹2700 रुपए प्रति क्विंटल पर भी गेहूं खरीदेगी। पहले जब MSP ₹2250 था, तब ₹150 रुपए बोनस भी दिया गया था।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय से बहस जारी है। BJP इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले एक प्रमुख एजेंडे के रूप में उठाती रही है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि विधेयक में परिसीमन की शर्त इसे अनिश्चितकाल के लिए टालने की रणनीति है।
आने वाले समय में मध्य प्रदेश में किसान कल्याण योजनाओं और केन-बेतवा परियोजना की प्रगति पर नजर रहेगी। CM मोहन यादव के इस बयान से राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ना तय है।