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सीएम मोहन यादव ने इंदौर में 30 से अधिक पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, बोले — खाकी की बहादुरी अतुलनीय

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सीएम मोहन यादव ने इंदौर में 30 से अधिक पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, बोले — खाकी की बहादुरी अतुलनीय

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में 30 से अधिक साहसी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया और स्वयं मंच से उतरकर दिव्यांग आरक्षक लाल साहब को पुरस्कृत किया। उन्होंने पुलिस भर्ती और रुकी पदोन्नति फिर शुरू करने का भी ऐलान किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 अक्टूबर 2026 को इंदौर में 'खाकी के जज्बे को पत्रिका का सलाम' कार्यक्रम को संबोधित किया।
समारोह में 30 से अधिक पुलिसकर्मियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
सीएम यादव मंच से उतरकर स्वयं सयोगितागंज थाने के आरक्षक लाल साहब को सम्मानित करने गए, जो पैर की तकलीफ के कारण मंच पर नहीं चढ़ पाए।
राज्य सरकार ने नई पुलिस भर्तियाँ जारी रखने तथा वर्षों से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया पुनः शुरू करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट , पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 अक्टूबर 2026 को इंदौर में आयोजित 'खाकी के जज्बे को पत्रिका का सलाम' कार्यक्रम में कहा कि पुलिस वह बल है जो स्वयं का जीवन दाँव पर लगाकर दूसरों के प्राण बचाता है। इस अवसर पर उन्होंने 30 से अधिक साहसी पुलिसकर्मियों को उनकी असाधारण सेवाओं के लिए सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री के उद्गार

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पुलिस के जवान हों या अधिकारी — सभी निरंतर बिना थके, परिश्रम और ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाते हैं। उन्होंने कहा, 'खुद की जान को जोखिम में डालकर दूसरों के प्राण बचाने का नाम है पुलिस।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पुलिसकर्मी साहस और निष्पक्षता के साथ अपनी ड्यूटी निभाते हैं और सेवा, सुरक्षा तथा परिश्रम में सदैव अग्रणी रहते हैं।

संवेदनशीलता का विशेष क्षण

समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने अपनी मानवीय संवेदनशीलता का भी परिचय दिया। सयोगितागंज थाने के आरक्षक लाल साहब, जो पैरों की तकलीफ के कारण मंच पर नहीं चढ़ पा रहे थे, को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं मंच से उतरकर उनके पास गए। इस पल को उपस्थित जनसमुदाय ने भावुकता से देखा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

कार्यक्रम में शिक्षाविद् डॉ. स्वप्निल कोठारी ने कहा कि जब साहस ईमानदारी के साथ जुड़ता है, तो वह कहानी दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बन जाती है। गौरतलब है कि इस तरह के सम्मान समारोह पुलिस बल के मनोबल को ऊँचा रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

भर्ती और पदोन्नति पर सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की भर्तियाँ की हैं और आने वाले समय में नई भर्तियाँ भी की जाएँगी। उन्होंने बताया कि वर्षों से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जो बल के भीतर प्रोत्साहन का वातावरण बनाएगी।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, आईजी अनुराग, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, उनके परिजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। यह आयोजन भविष्य में और अधिक पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा की राह पर प्रेरित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा सेवा-सुधारों के क्रियान्वयन में है। वर्षों से रुकी पदोन्नति का पुनः प्रारंभ एक सकारात्मक कदम है, परंतु यह देखना होगा कि यह घोषणा महज़ मंचीय आश्वासन बनकर न रह जाए। मध्य प्रदेश में पुलिस-जनसंख्या अनुपात राष्ट्रीय औसत से नीचे रहा है, इसलिए भर्ती की निरंतरता ज़रूरी है। मुख्यमंत्री का मंच से उतरकर दिव्यांग आरक्षक को सम्मानित करना प्रतीकात्मक रूप से प्रभावशाली था — यही राजनीतिक नेतृत्व की वह संवेदनशीलता है जो बल के भीतर विश्वास बनाती है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'खाकी के जज्बे को पत्रिका का सलाम' कार्यक्रम क्या है?
यह इंदौर में आयोजित एक सम्मान समारोह है जिसमें साहसिक और उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाता है। 23 अक्टूबर 2026 के आयोजन में मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्य अतिथि थे और उन्होंने 30 से अधिक पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।
सीएम मोहन यादव ने मंच से उतरकर किसे सम्मानित किया?
मुख्यमंत्री यादव ने सयोगितागंज थाने के आरक्षक लाल साहब को सम्मानित करने के लिए स्वयं मंच से नीचे उतरे, क्योंकि लाल साहब पैरों में तकलीफ के कारण मंच पर चढ़ने में असमर्थ थे। इस संवेदनशील कदम की कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सराहना की।
मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती और पदोन्नति पर क्या ऐलान किया?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की भर्तियाँ की हैं और भविष्य में नई भर्तियाँ भी जारी रहेंगी। साथ ही, वर्षों से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ किया गया है।
कार्यक्रम में कौन-कौन से अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे?
समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, आईजी अनुराग, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और कलेक्टर शिवम वर्मा उपस्थित रहे।
पुलिसकर्मियों के सम्मान समारोह का क्या महत्व है?
ऐसे आयोजन पुलिस बल के मनोबल को ऊँचा रखने और कर्तव्यनिष्ठ जवानों को प्रेरित करने में सहायक होते हैं। शिक्षाविद् डॉ. स्वप्निल कोठारी के अनुसार, जब साहस ईमानदारी के साथ जुड़ता है, तो वह कहानी दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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