मध्य प्रदेश में डकैत और नक्सलवाद का खात्मा पुलिस की दक्षता का प्रमाण: CM मोहन यादव
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 नवंबर 2026 को कहा कि राज्य से डकैतों और नक्सलवाद का सफाया कर मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी क्षमता और प्रतिबद्धता को असंदिग्ध रूप से सिद्ध किया है। यह उद्गार उन्होंने भोपाल स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी परेड ग्राउंड में आयोजित उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत समारोह में व्यक्त किए। नवप्रशिक्षित अधिकारियों ने अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए परेड मार्च किया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पुलिस ने चंबल और रीवा अंचल में डकैतों की चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर उनका उन्मूलन किया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद के खात्मे में सफलता प्राप्त कर पुलिस ने अपनी दक्षता का परिचय दिया।
सजी हुई परेड में नवनियुक्त अधिकारियों के सधे कदमों और उत्कृष्ट तालमेल ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। यह समारोह प्रदेश एवं राष्ट्र की सेवा के प्रति अधिकारियों की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
पुलिस भर्ती और पदोन्नति
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने तीन वर्षों में राज्य पुलिस बल में 17,710 पदों पर भर्तियाँ पूरी की जा चुकी हैं तथा लगभग 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अतिरिक्त बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है।
गौरतलब है कि इस अवसर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस और समर्पण का प्रदर्शन करने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को 'आउट ऑफ टर्न प्रमोशन' देकर सम्मानित किया गया। यह कदम जमीनी स्तर पर काम कर रहे जवानों के मनोबल को ऊँचा रखने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
सरकार की प्रतिबद्धताएँ
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को नौकरी देने का प्रावधान कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पुलिस परिवार का कोई सदस्य वीरगति को प्राप्त होता है, तो सरकार उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा, 'राज्य में किसी भी तरह के माफिया को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।'
आगामी चुनौतियाँ और लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने नवप्रशिक्षित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस के सामने डकैतों, नक्सलवाद और ड्रग्स जैसी तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अधिकारी पूरी दृढ़ता से इनका मुकाबला करेंगे और वर्ष 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नशे के खिलाफ अभियानों को लेकर राज्य सरकारों पर केंद्र का दबाव बढ़ा है। मध्य प्रदेश द्वारा नक्सलवाद उन्मूलन की समय-सीमा पूर्व सफलता राज्य पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आगे नई भर्तियों और पदोन्नतियों के साथ, राज्य पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण की दिशा में सरकार की कोशिशें जारी रहेंगी।