20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विजयादशमी पर CM मोहन यादव का संदेश: शस्त्र धारण सेवा और सुरक्षा का दायित्व

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विजयादशमी पर CM मोहन यादव का संदेश: शस्त्र धारण सेवा और सुरक्षा का दायित्व

सारांश

विजयादशमी पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर पुलिस लाइन में एके-47 से लेकर पारंपरिक तलवार तक का पूजन किया और कहा — शस्त्र सिर्फ शक्ति नहीं, सेवा का प्रतीक है। मध्य प्रदेश में यह पहली बार नहीं; सरकार ने शासकीय स्तर पर सांस्कृतिक परंपराओं की सक्रिय भागीदारी को नीति बना लिया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 अक्टूबर 2026 को इंदौर पुलिस लाइन में विजयादशमी शस्त्र पूजन कार्यक्रम में भाग लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक तलवार, भाले और अत्याधुनिक एके-47 सहित अन्य अस्त्रों का पूजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शस्त्र धारण करना नागरिकों की रक्षा और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व है।
महिला पुलिस दल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया; मुख्यमंत्री ने कन्या पाद पूजन भी किया।
प्रदेशभर में पुलिस बलों द्वारा शासकीय स्तर पर शस्त्र पूजन आयोजित किया गया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर इंदौर की पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि नागरिकों की रक्षा करने और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का पावन दायित्व है। उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय सनातन संस्कृति, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।

मुख्य कार्यक्रम और अनुष्ठान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने माँ कालका की आराधना की तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परंपरागत तलवार और भाले के साथ-साथ अत्याधुनिक एके-47 सहित अन्य अस्त्र-शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। उन्होंने पुलिस वाहनों और अश्वों का पूजन करने के साथ शस्त्रागार का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कन्या पाद पूजन भी किया। महिला पुलिस दल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। समारोह में धार्मिक आस्था, शौर्य परंपरा और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का त्रिवेणी संगम देखने को मिला।

विजयादशमी का सांस्कृतिक संदेश

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि विजयादशमी का पर्व दो महान संदेश लेकर आता है — भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय, और माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर वध के माध्यम से नारी शक्ति के सामर्थ्य का उद्घोष।

उन्होंने जोर दिया कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की परंपरा से समृद्ध सनातन संस्कृति हमारे संस्कारों और जीवनशैली को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। हमारी परंपरा में शस्त्र को तिलक लगाकर श्रद्धा और पवित्रता के साथ पूजने का विधान है, जो शस्त्र के जिम्मेदार उपयोग की प्रेरणा देता है।

सरकार की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने सामाजिक संस्कारों और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के लिए सभी प्रमुख त्योहारों में सक्रिय सहभागिता की परंपरा विकसित की है। उन्होंने कहा कि 20 अक्टूबर को प्रदेशभर में पुलिस बलों द्वारा शासकीय स्तर पर शस्त्र पूजन किया जा रहा है।

यादव ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय संस्कृति प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए जीवन जीने की प्रेरणा देती है। शस्त्र का पूजन इसी भावना को आगे बढ़ाता है।

पुलिस प्रशासन और अनुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रशासन में अनुशासन के साथ-साथ प्रोत्साहन भी उतना ही आवश्यक है। उनके अनुसार, दण्ड से व्यवस्था कायम होती है, तो प्रोत्साहन और सम्मान से कर्मचारियों का उत्साह बढ़ता है।

उन्होंने इंदौर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे नवाचारों की विशेष सराहना की। गौरतलब है कि इंदौर लगातार कई वर्षों से स्वच्छता और शासन व्यवस्था में अग्रणी रहा है, और यह शस्त्र पूजन समारोह उसी परंपरा को नई ऊर्जा देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मध्य प्रदेश सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जो सांस्कृतिक प्रतीकों को शासन से जोड़ती है। पुलिस बल के साथ इस तरह के सार्वजनिक समारोह एक संदेश देते हैं — राज्य सरकार सनातन परंपराओं को प्रशासनिक वैधता देना चाहती है। आलोचक पूछ सकते हैं कि शस्त्र पूजन से इंदौर की वास्तविक कानून-व्यवस्था की चुनौतियाँ कैसे हल होंगी, जबकि समर्थकों का तर्क है कि सांस्कृतिक पहचान से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है। असली कसौटी यह है कि प्रोत्साहन और सम्मान की यह भाषा जमीनी प्रदर्शन में कितना तब्दील होती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में शस्त्र पूजन क्यों किया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर इंदौर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में भाग लिया, जो भारतीय सनातन संस्कृति की शौर्य परंपरा का हिस्सा है। मध्य प्रदेश सरकार ने सभी प्रमुख त्योहारों में शासकीय स्तर पर सक्रिय सहभागिता की नीति अपनाई है।
शस्त्र पूजन में किन हथियारों का पूजन किया गया?
कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक तलवार और भाले के साथ-साथ अत्याधुनिक एके-47 सहित अन्य आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया गया। पुलिस वाहनों और अश्वों का पूजन भी किया गया।
CM मोहन यादव ने शस्त्र के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के कष्ट दूर करने, नागरिकों की रक्षा करने और व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व है। उन्होंने शस्त्र के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
विजयादशमी का पर्व किस संदेश का प्रतीक है?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, विजयादशमी भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय और माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर वध के माध्यम से नारी शक्ति के सामर्थ्य का संदेश देता है।
मध्य प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम कहाँ-कहाँ हुए?
20 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के प्रदेशभर में पुलिस बलों द्वारा शासकीय स्तर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम इंदौर की पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 7 घंटे पहले
  4. 8 घंटे पहले
  5. 12 घंटे पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले