विजयदशमी 2026: दुर्ग और मुंबई पुलिस ने की शस्त्र पूजा, सुरक्षा-संकल्प किया नवीनीकृत
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस लाइंस और मुंबई के नायगांव शस्त्रागार में 20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी के उपलक्ष्य में पुलिसकर्मियों ने पारंपरिक शस्त्र पूजा संपन्न की। इस अनुष्ठान के दौरान दोनों शहरों के पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्र-सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सार्वजनिक रूप से दोहराया।
दुर्ग में समारोह का आयोजन
दुर्ग में इस अनुष्ठान का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने किया। परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार हथियारों की विधिवत पूजा की गई और पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया। पूजा के पश्चात अवसर को चिह्नित करने के लिए हवा में गोलियाँ चलाई गईं।
कार्यक्रम में दुर्ग शहर के एडिशनल एसपी शोभराज अग्रवाल, ग्रामीण एडिशनल एसपी मनीषंकर चंद्र, ट्रैफिक एडिशनल एसपी कौशलेंद्र पटेल, रिजर्व इंस्पेक्टर नीलकंठ वर्मा तथा अनेक थाना प्रभारी (एसएचओ) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एसपी अग्रवाल का संदेश
एडिशनल एसपी शोभराज अग्रवाल ने विजयदशमी को असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी नागरिकों को त्योहार की बधाई देते हुए अपील की कि दशहरा शांति, सद्भाव और भाईचारे के वातावरण में मनाया जाए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दुर्ग पुलिस जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है।
मुंबई के नायगांव शस्त्रागार में आयोजन
दादर-नायगांव क्षेत्र में स्थित मुंबई पुलिस के प्रमुख सुरक्षा एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र, नायगांव शस्त्रागार में भी इसी प्रकार का समारोह आयोजित किया गया। इसमें संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) सुवेज हक, सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त दीक्षित गेदाम, सशस्त्र पुलिस के उपायुक्त आनंद भोइते और सेंट्रल रीजन (जोन 2) के डीसीपी अनुराग जैन सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शस्त्र पूजा विजयदशमी की परंपरा और भावना का सम्मान करती है और साथ ही नागरिकों की रक्षा व राष्ट्र-सेवा के परम कर्तव्य की याद दिलाती है।
शस्त्र पूजा की परंपरा और महत्व
परंपरागत रूप से शस्त्र पूजा विजयदशमी पर की जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है। पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह वार्षिक अनुष्ठान कर्तव्य, साहस और जनसुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस बलों की प्राथमिकता होती है।
दोनों आयोजनों के साथ यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि आने वाले दिनों में भी सुरक्षा बल उसी समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।