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इंदौर में MP सेमीकंडक्टर समिट-2026 का उद्घाटन करेंगे सीएम मोहन यादव, 50+ कंपनियाँ होंगी शामिल

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इंदौर में MP सेमीकंडक्टर समिट-2026 का उद्घाटन करेंगे सीएम मोहन यादव, 50+ कंपनियाँ होंगी शामिल

सारांश

मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 महज एक सम्मेलन नहीं — यह राज्य की चिप इकोनॉमी में दाखिल होने की औपचारिक घोषणा है। सीएम मोहन यादव की इंदौर में 50+ कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से सीधी बैठक बताती है कि MP अब सेमीकंडक्टर मानचित्र पर अपनी जगह दर्ज कराने के लिए तैयार है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में MP सेमीकंडक्टर समिट-2026 का उद्घाटन करेंगे।
दो दिवसीय समिट में 8 पैनल चर्चाएँ , 5 गोलमेज बैठकें और 4 मुख्य भाषण होंगे।
प्रदर्शनी में 50 से अधिक कंपनियाँ चिप डिज़ाइन, पैकेजिंग, AI और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में क्षमताएँ प्रदर्शित करेंगी।
राज्य सरकार MP सेमीकंडक्टर नीति-2025 को पहले ही मंजूरी दे चुकी है, जो निवेश और तकनीकी गतिविधियों को प्रोत्साहित करती है।
समापन में MP सेमीकंडक्टर स्टार्टअप प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर शिखर सम्मेलन-2026 का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस दो दिवसीय आयोजन में वे राज्य को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने का अपना विज़न रखेंगे और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से सीधी बैठकें करेंगे।

शिखर सम्मेलन का स्वरूप और आयोजन

दो दिवसीय यह समिट ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में 8 पैनल चर्चाएँ, 5 गोलमेज बैठकें और 4 मुख्य भाषण शामिल हैं। साथ ही एक विशेष प्रदर्शनी भी लगेगी, जिसमें 50 से अधिक कंपनियाँ चिप डिज़ाइन, पैकेजिंग और परीक्षण, उपकरण, सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी।

किन विषयों पर होगी चर्चा

पहले दिन की चर्चाओं का केंद्र मध्य प्रदेश को उन्नत पैकेजिंग और परीक्षण के केंद्र के रूप में विकसित करना, फैबलेस इकोसिस्टम निर्माण और सेमीकंडक्टर विनिर्माण व आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करना होगा। गोलमेज बैठकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अवसंरचना, फैबलेस उत्पाद विकास और बौद्धिक संपदा जैसे अहम विषय उठाए जाएंगे।

दूसरे दिन चिप प्रौद्योगिकी, AI, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिज़ाइन सेवाएँ, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित रहेगा। फोटोनिक्स, क्वांटम प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) पर भी विशेष सत्र होंगे। समापन समारोह में मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर स्टार्टअप प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

MP सेमीकंडक्टर नीति-2025 की पृष्ठभूमि

यह समिट ऐसे समय में हो रही है जब राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 को पहले ही मंजूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना और सेमीकंडक्टर उद्योगों तथा संबंधित तकनीकी गतिविधियों की स्थापना को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देशभर में चिप इकोसिस्टम विकसित करने की मुहिम चल रही है, जिसमें राज्यों की भागीदारी तेज़ी से बढ़ रही है।

किन्हें होगा फ़ायदा और आगे क्या

शिखर सम्मेलन में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप एक मंच पर आएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव व्यक्तिगत रूप से निवेशकों से मुलाकात कर राज्य में निवेश के अवसरों और तकनीकी सहयोग पर बातचीत करेंगे। आयोजन का दीर्घकालिक लक्ष्य मध्य प्रदेश में एक कुशल सेमीकंडक्टर कार्यबल तैयार करना और नवाचार-आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना बताया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी नीति से इरादे तक की दूरी तय करने में होगी। राज्य सरकार ने MP सेमीकंडक्टर नीति-2025 बना ली है और समिट का आयोजन कर लिया, पर सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए जिस स्तर की अवसंरचना, जल आपूर्ति, बिजली स्थिरता और तकनीकी मानव संसाधन चाहिए, उस पर अभी ठोस आँकड़े सामने नहीं आए हैं। गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्य पहले से ही इस दौड़ में हैं। बिना विशिष्ट निवेश प्रतिबद्धताओं और समयसीमा के, यह समिट एक महत्वाकांक्षी शुरुआत तो है, पर क्रियान्वयन की परीक्षा अभी बाकी है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MP सेमीकंडक्टर समिट-2026 क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन है, जो इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसका उद्देश्य राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए निवेश आकर्षित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और कुशल कार्यबल विकसित करना है।
समिट में कौन-कौन शामिल होगा?
समिट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप शामिल होंगे। प्रदर्शनी में 50 से अधिक कंपनियाँ भाग लेंगी।
MP सेमीकंडक्टर नीति-2025 क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मंजूर की गई यह नीति राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योगों और संबंधित तकनीकी गतिविधियों की स्थापना को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए बनाई गई है। यह नीति समिट के लिए नीतिगत आधार प्रदान करती है।
समिट में किन तकनीकी विषयों पर चर्चा होगी?
समिट में चिप डिज़ाइन, AI अवसंरचना, फोटोनिक्स, क्वांटम प्रौद्योगिकी, फैबलेस उत्पाद विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, कौशल विकास और MSME जैसे विषयों पर सत्र होंगे। पैकेजिंग, परीक्षण और आपूर्ति श्रृंखला पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
इस समिट से मध्य प्रदेश को क्या फ़ायदा होगा?
समिट का लक्ष्य मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करना, नए निवेश लाना और तकनीकी रोज़गार के अवसर पैदा करना है। MP सेमीकंडक्टर स्टार्टअप प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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