ग्वालियर टेलीकॉम जोन पर CM मोहन यादव का बड़ा दांव, बेंगलुरु में निवेशकों को MP का न्योता
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 22 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर राज्य को टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार टेलीकॉम उपकरणों के विनिर्माण के साथ-साथ अनुसंधान एवं नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की विशेषताएँ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों को ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की विशेषताओं और संभावनाओं से विस्तार से अवगत कराया। उनके अनुसार, प्रदेश की नीतियाँ भविष्योन्मुखी हैं और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण समूहों के विस्तार के लिए वित्तीय एवं गैर-वित्तीय, दोनों प्रकार के आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान करती हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश देश में सूचना प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के एक सशक्त केंद्र के रूप में तेज़ी से उभर रहा है।
निवेशकों को क्या मिलेगा
यादव ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर निवेशक को सुरक्षित वातावरण, सिंगल विंडो सिस्टम के ज़रिये त्वरित अनुमतियाँ और नीतिगत सहयोग देने के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने कहा कि उद्योग की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में हर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि वे स्वयं प्रत्येक रोड शो में निवेशकों से सीधा संवाद करते हैं और उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं, जिससे निवेश से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान संभव होता है।
बेंगलुरु-MP तकनीकी तालमेल की संभावना
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि बेंगलुरु के परिपक्व तकनीकी इको-सिस्टम और मध्य प्रदेश के मज़बूत औद्योगिक आधार के समन्वय से प्रदेश में नवाचार और रोज़गार के नए आयाम स्थापित होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम विनिर्माण में घरेलू क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।
पारदर्शी नीतियों पर ज़ोर
यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में पारदर्शी नीतियाँ लागू हैं और निवेशकों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे का तत्परता से निराकरण किया जा रहा है। राज्य में प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, मज़बूत अधोसंरचना और उद्योग-हितैषी माहौल को प्रदेश की प्रमुख ताकत बताया गया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में निवेश आकर्षित करने के लिए कई रोड शो आयोजित कर चुका है, और यह बेंगलुरु दौरा उसी श्रृंखला की नई कड़ी है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री के इस निवेशक संवाद के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में वास्तविक निवेश प्रतिबद्धताएँ किस रूप में सामने आती हैं। राज्य सरकार के अनुसार, निवेशकों की ज़रूरतों के अनुरूप सुविधाएँ और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।