क्या सीएम नीतीश ने ऐतिहासिक गोलघर परिसर का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए?

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क्या सीएम नीतीश ने ऐतिहासिक गोलघर परिसर का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए?

सारांश

सीएम नीतीश कुमार ने गोलघर के सौंदर्यीकरण और रखरखाव पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखा जाए ताकि पर्यटक बढ़ सकें। जानिए गोलघर की विशेषताएँ और मुख्यमंत्री का क्या कहना है।

Key Takeaways

  • गोलघर का सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से चल रहा है।
  • मुख्यमंत्री ने संरचना के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
  • यह स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

पटना, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना के ऐतिहासिक गोलघर परिसर का भ्रमण किया और अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भ्रमण के दौरान गोलघर परिसर पार्क, गोलघर के संरचना की स्थिति, लाइट एंड साउंड एवं लेज़र शो आदि का जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से इसके सौंदर्यीकरण एवं इसके रखरखाव को अच्छे ढंग से कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी खूबसूरती बढ़ने से यह स्थल देखने में मनोरम लगेगा, जिससे पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचेंगे। गोलघर में इन दिनों सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसकी प्रगति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं मौके पर पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोलघर को एक ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए कहा कि यहां काफी संख्या में लोग इसे देखने आते हैं।

उन्होंने कहा कि गोलघर की ऐतिहासिक महत्ता से यहां आने वाले लोग अवगत हो सकें, इसके लिए यहां डिस्प्ले बोर्ड भी लगाकर प्रदर्शित कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि गोलघर वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है, इसलिए इसके संरचना के रखरखाव का विशेष रूप से ख्याल रखें ताकि इसे और बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सके।

बिहार की राजधानी पटना में गांधी मैदान के समीप गोलघर स्थित है। ब्रिटिश इंजिनियर कप्तान जॉन गार्स्टिन ने अनाज के भंडारण के लिए इस गोल ढांचे का निर्माण करवाया था। इसका निर्माण कार्य ब्रिटिश राज में 1786 में संपन्न हुआ था। इसमें एक साथ 140000 टन अनाज रखा जा सकता है। इसका आकार 125 मीटर और ऊंचाई 29 मीटर है। इसमें कोई स्तंभ नहीं है और इसकी दीवारें आधार में 3.6 मीटर मोटी हैं। गोलघर के शिखर पर लगभग तीन मीटर तक ईंट की जगह पत्थरों का प्रयोग किया गया है।

Point of View

NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

गोलघर कब बनाया गया था?
गोलघर का निर्माण 1786 में ब्रिटिश राज के दौरान हुआ था।
गोलघर में कितने टन अनाज रखा जा सकता है?
गोलघर में एक साथ 140000 टन अनाज रखा जा सकता है।
गोलघर की ऊंचाई कितनी है?
गोलघर की ऊंचाई 29 मीटर है।
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