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नीतीश कुमार ने सारण में पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर किया निरीक्षण

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नीतीश कुमार ने सारण में पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर किया निरीक्षण

सारांश

सीएम नीतीश कुमार ने सारण में पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा की, जबकि उनके संभावित इस्तीफे की अटकलें भी चल रही हैं। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने उनकी सक्रियता की सराहना की।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार का सारण दौरा राजनीतिक हलचल का केंद्र बना।
पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पहले चरण का लक्ष्य 2027 है।
स्थानीय निवासियों ने विकास कार्यों की सराहना की।

पटना, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में नेतृत्व में संभावित परिवर्तन को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सारण का एक महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निरीक्षण किया, जबकि उनके संभावित इस्तीफे के बारे में चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

राजनीतिक हलचल को नजरअंदाज करते हुए नीतीश कुमार ने चिलचिलाती धूप में विकास कार्यों के स्थलों पर दौरा किया और पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बकारपुर-मानिकपुर चार-लेन खंड की प्रगति की समीक्षा की।

उनकी मौजूदगी, जो उनके संभावित इस्तीफे से एक दिन पहले हुई, ने स्थानीय लोगों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बना दिया। कई लोगों ने उनकी तारीफ की कि उन्होंने अंतिम क्षण तक अपने सरकारी दायित्वों का पालन किया।

मुख्यमंत्री ने बकारपुर-मानिकपुर चार-लेन सड़क का निरीक्षण किया, जो पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का हिस्सा है, और जेपी सेतु के समानांतर बन रहे एक नए पुल का निर्माण कार्य भी देखा।

अधिकारियों ने सीएम नीतीश को बताया कि एक्सप्रेसवे के पहले चरण के पूर्ण होने का लक्ष्य अप्रैल 2027 रखा गया है, जिससे पटना और बेतिया के बीच यात्रा का समय लगभग तीन घंटे रह जाएगा।

नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्माण की गुणवत्ता को ऊँचे स्तर पर बनाए रखें और सुनिश्चित करें कि कार्य समय पर पूरा हो। उन्होंने यह भी कहा कि वे नियमित रूप से निगरानी करें और इस परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। उन्होंने इस परियोजना को बेहतर कनेक्टिविटी, ट्रैफिक जाम कम करने, और उत्तरी बिहार में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि निर्माण पूरा होने पर, यह एक्सप्रेसवे वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, यात्रा के समय में कमी लाएगा, व्यापार को बढ़ावा देगा और मौजूदा मार्गों पर दबाव को कम करेगा।

स्थानीय निवासियों ने आशा व्यक्त की कि ये परियोजनाएं ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएंगी और क्षेत्रीय विकास को गति देंगी।

यह दौरा 14 अप्रैल को पड़ने वाली अंबेडकर जयंती से ठीक पहले हुआ है, जिस दिन मुख्यमंत्री के अपनी मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने की संभावना है। इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार के इस्तीफे की भी अटकलें लगाई जा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिहार में एक नई सरकार के गठन की संभावना है, जिसका नेतृत्व संभवतः भाजपा करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सारण दौरा एक महत्वपूर्ण संकेत है। उनकी सक्रियता और विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने से यह स्पष्ट होता है कि वे अपने दायित्वों को गंभीरता से ले रहे हैं। यह दौरा स्थानीय निवासियों के लिए भी सकारात्मक संकेत है, जो विकास में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कब तक पूरा होगा?
इस एक्सप्रेसवे के पहले चरण को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम नीतीश कुमार ने सारण में क्या निरीक्षण किया?
उन्होंने बकारपुर-मानिकपुर चार-लेन सड़क और एक नए पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया क्या थी?
स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री की सक्रियता की सराहना की और विकास परियोजनाओं की उम्मीद जताई।
राष्ट्र प्रेस
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