मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अनूपपुर की इमारत ढहने पर जताया दुख, पीड़ितों को देंगे मुआवजा

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अनूपपुर की इमारत ढहने पर जताया दुख, पीड़ितों को देंगे मुआवजा

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अनूपपुर के कोतमा में इमारत ढहने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है, जिसमें कई योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता शामिल है।

Key Takeaways

  • सीएम मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
  • हादसे के कारणों की विस्तृत जांच का आदेश दिया गया है।
  • बचाव कार्य जारी है, और कई लोगों को मलबे से निकाला गया है।

भोपाल/कोटमा, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अनूपपुर जिले के कोटमा में हुई इमारत के ढहने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से 4-4 लाख रुपए, 'संबल योजना' के अंतर्गत 4-4 लाख रुपए और रेडक्रॉस से 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है।

सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''कल कोतमा, अनूपपुर में हुए इस दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिवारों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से 4-4 लाख रुपए, संबल योजना के अंतर्गत 4-4 लाख रुपए और रेडक्रॉस से 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से 2-2 लाख रुपए और रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।''

उन्होंने आगे कहा, ''राज्य सरकार प्रभावित परिजनों के साथ खड़ी है। मैं ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।''

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, जिसमें भीड़भाड़ वाले बस स्टैंड क्षेत्र में राहत कार्य जारी है।

शनिवार शाम को अनूपपुर जिले के कोतमा कस्बे में उस समय शोक का माहौल छा गया, जब बस स्टैंड के पास स्थित 'अग्रवाल लॉज' नामक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। यह घटना शाम 5.30 से 5.50 बजे के बीच हुई। मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि पहले एक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई और उसके बाद धूल का गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया।

बचाव दल ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर क्रेन और भारी मशीनों की मदद से मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए पूरी रात प्रयास जारी रखा। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह तक मरने वालों की संख्या तीन हो गई, जब सुबह करीब 11 बजे एक महिला का शव बरामद किया गया। उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। अब तक कम से कम पांच लोगों को बचाया जा चुका है, तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि अन्य का उपचार चल रहा है।

अधिकारियों को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं, हालांकि यह अनुमान 6 से 10 लोगों के बीच भिन्न बताया जा रहा है।

स्थानीय निवासियों ने इमारत के ढहने की संभावित वजह के रूप में पास के निर्माण स्थल पर खोदे गए गहरे गड्ढे की ओर इशारा किया है। लगभग 12 फीट गहरे गड्ढे में पानी जमा हो गया था, जिससे शायद दशकों पुराने इस लॉज की नींव कमजोर हो गई हो।

अधिकारियों ने माना है कि पास में चल रहे निर्माण कार्य के कारण भी यह हादसा हो सकता है। हादसे की सही वजहों का पता लगाने और सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की चूक की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।

Point of View

बल्कि यह नागरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। राज्य सरकार को निर्माण कार्यों की निगरानी में अधिक सख्ती बरतनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

अनूपपुर में इमारत क्यों ढही?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इमारत के पास खोदे गए गड्ढे के कारण इसकी नींव कमजोर हो गई थी।
सीएम ने पीड़ितों को कितना मुआवजा दिया?
सीएम ने पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपए और घायलों को 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की है।
क्या कोई जांच चल रही है?
हाँ, हादसे की सही वजहों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
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