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क्या सीएम योगी की कार्रवाई से घुसपैठिए उत्तर प्रदेश छोड़ रहे हैं?: अपर्णा यादव

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क्या सीएम योगी की कार्रवाई से घुसपैठिए उत्तर प्रदेश छोड़ रहे हैं?: अपर्णा यादव

सारांश

उत्तर प्रदेश में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के चलते घुसपैठियों की गतिविधियों में उथल-पुथल मची है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के चलते बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए बड़ी संख्या में प्रदेश छोड़ रहे हैं, जिससे अपराध में वृद्धि को लेकर चिंता जताई जा रही है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई है।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों में खलबली मची हुई है।
दीपावली को यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया है।
यह भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।

लखनऊ, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में एसआईआर का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य भर में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों में खलबली मची हुई है और बड़ी संख्या में ये लोग प्रदेश छोड़कर भाग रहे हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे राज्य में गैर-कानूनी गतिविधियों को लेकर सख्ती बरतते हुए जीरो-टॉलरेंस की नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश से जो लोग भागे हैं, उनमें बड़ी संख्या ऐसे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की है जो बिना वैध दस्तावेजों के लंबे समय से यहां रह रहे थे और राज्य के संसाधनों का अनुचित उपयोग कर रहे थे।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में बढ़ते अपराधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इन घुसपैठियों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत छापेमारी की खबर फैलते ही लखनऊ के दलीबाग इलाके से करीब 300 रोहिंग्या रातों-रात गायब हो गए, जिससे साफ होता है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख और संभावित कानूनी कार्रवाई के डर ने इन लोगों को राज्य छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि अपराध में बढ़ोतरी का बड़ा कारण भी ये अवैध घुसपैठिए ही रहे हैं।

इसके अलावा, यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने पर अपर्णा यादव ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और यह गर्व की बात है कि हिंदू या सनातन धर्म के सबसे बड़े त्योहार, दीपावली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिला है।

उन्होंने कहा कि मैं यूनेस्को को धन्यवाद देती हूं और हर भारतीय को बधाई देती हूं कि हमारा प्रमुख पर्व दीपावली वैश्विक सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल हो गया है। यह भारत के लिए अत्यंत गौरवशाली क्षण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। जब हम अवैध घुसपैठ की समस्या पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारे संसाधनों का सही उपयोग कैसे किया जा सकता है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी नीतियों को लागू करे जो न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करें, बल्कि सामाजिक संतुलन भी बनाए रखें।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एसआईआर प्रक्रिया से घुसपैठियों की संख्या में कमी आएगी?
हां, एसआईआर प्रक्रिया के तहत छापेमारी और सख्त कानूनी कार्रवाई से अवैध घुसपैठियों में कमी आने की संभावना है।
क्या इस प्रक्रिया से अपराध में कमी आएगी?
अगर घुसपैठियों की संख्या में कमी आती है, तो इससे निश्चित रूप से अपराध में कमी आने की उम्मीद है।
क्या दीपावली को यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया है?
जी हां, दीपावली को यूनेस्को द्वारा अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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