SIR विवाद: कांग्रेस, AAP और वामपंथी दलों का 7 अक्टूबर को CEO कार्यालय तक संयुक्त मार्च
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में 7 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय तक संयुक्त विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च कश्मीरी गेट स्थित CEO कार्यालय की ओर बढ़ेगा।
मुख्य घटनाक्रम
यह संयुक्त मार्च ऐसे समय में हो रहा है जब इंडिया ब्लॉक के सांसद पहले ही मंगलवार को भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय तक मार्च निकाल चुके हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर चुके हैं। उल्लेखनीय है कि AAP और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) मंगलवार के उस प्रदर्शन से अनुपस्थित रहे थे, लेकिन अब AAP बुधवार के मार्च में भागीदार बनेगी।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह AAP और वामपंथी छात्र संगठनों — जिनमें SFI और AISA शामिल हैं — ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़कर तिरंगा लहराया, जब सुरक्षाकर्मियों ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों को ECI मुख्यालय की ओर बढ़ने से रोका। रिपोर्टों के अनुसार, राहुल गांधी को उनकी बहन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया।
पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसद के दोनों सदनों के लगभग 300 सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने से रोका गया। उन्होंने कहा कि सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों से मिलना चाहते थे।
इसके बाद गांधी परिवार सहित इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने आकाशवाणी भवन में धरना दिया, जहाँ से पुलिस ने उन्हें मंगलवार रात हटाकर हिरासत में ले लिया।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के इस प्रदर्शन पर कड़ा प्रहार किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पूरे विरोध को 'नाटक' करार दिया और विपक्षी दलों से 'अपना नाटक बंद करने' की अपील की। उन्होंने कांग्रेस व अन्य दलों से जनादेश प्राप्त करने के लिए निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा करने का आग्रह किया।
SIR विवाद की पृष्ठभूमि
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं, जिससे कुछ वर्गों के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। यह विवाद दिल्ली विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में और अधिक संवेदनशील हो गया है। चुनाव आयोग ने अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे क्या होगा
7 अक्टूबर का संयुक्त मार्च विपक्षी एकजुटता की एक बड़ी परीक्षा होगी, खासकर तब जब AAP और कांग्रेस दिल्ली में सीधे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। यदि पुलिस फिर से मार्च को रोकती है, तो टकराव और तीव्र होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस विरोध का असर आगामी दिल्ली चुनाव की राजनीति पर भी पड़ सकता है।