क्या कांग्रेस ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई पर 'गंभीर चिंता' व्यक्त की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिकी कार्रवाई पर कांग्रेस की गंभीर चिंता.
- अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.
- वामपंथी दलों का विरोध प्रदर्शन.
- मादुरो पर नशीले पदार्थों से संबंधित आरोप.
- भारत का संवाद की अपील.
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी की "गिरफ्तारी" को लेकर कांग्रेस ने गंभीर चिंता व्यक्त की है और इस पूरे अभियान को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है।
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पिछले 24 घंटों में वेनेजुएला से संबंधित अमेरिकी कार्रवाइयों पर कांग्रेस गहरी चिंता व्यक्त करती है। अंतरराष्ट्रीय कानून के स्थापित सिद्धांतों का एकतरफा उल्लंघन नहीं किया जा सकता।"
कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया का समय नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर वामपंथी दलों के विरोध प्रदर्शन के साथ मेल खाता है।
सीपीआई (एम) नेतृत्व ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाइयों की निंदा की है और इसे "साम्राज्यवादी सैन्य आक्रामकता" बताया है। उन्होंने केंद्र से इस कार्रवाई के खिलाफ स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाने का आग्रह किया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश में तेल स्रोतों पर "कब्जा" करने के लिए वेनेजुएला पर हमला किया।
यह घटना उस समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर अमेरिकी सेना द्वारा व्यापक हमले की घोषणा की और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने का ऐलान किया। उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमण काल के दौरान दक्षिण अमेरिकी देश का शासन अमेरिका के हाथ में रहेगा।
इस बीच, मादुरो शनिवार रात (स्थानीय समय) न्यूयॉर्क शहर पहुंचे, जहां उन्हें अमेरिकी आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ा। संघीय अभियोजकों ने एक व्यापक अभियोग को सार्वजनिक किया है, जिसमें उन पर लंबे समय से चल रहे नशीले पदार्थों से संबंधित आतंकवाद और कोकीन की तस्करी की साजिश का नेतृत्व करने का आरोप लगाया गया है।
भारत ने रविवार को वेनेजुएला में हुए हालिया घटनाक्रम को चिंता का विषय बताया और सभी संबंधित पक्षों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से मुद्दों को हल करने का आग्रह किया।