कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया का निधन, राहुल गांधी और प्रियंका ने एक्स पर जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रभारी दीपक बाबरिया का शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उनके जाने से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) में शोक की लहर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राहुल गांधी और प्रियंका की श्रद्धांजलि
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व महासचिव दीपक बाबरिया के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। संगठन के प्रति उनका समर्पण और पार्टी को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। इस कठिन समय में उनके परिजनों, साथियों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। दीपक बाबरिया को श्रद्धांजलि और नमन।'
वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व महासचिव दीपक बाबरिया के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। दीपक जी कांग्रेस पार्टी एवं विचारधारा के प्रति समर्पित सिपाही थे। उनका जाना कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। भावभीनी श्रद्धांजलि।'
सचिन पायलट ने भी व्यक्त किया दुख
एआईसीसी पंजाब के महासचिव और टोंक से विधायक सचिन पायलट ने एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका निधन कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। संगठन के प्रति उनकी समर्पित कार्यशैली और सच्ची निष्ठा सदैव स्मरणीय रहेगी।'
हरियाणा चुनाव के बाद दिया था इस्तीफे का प्रस्ताव
गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद दीपक बाबरिया ने हरियाणा कांग्रेस प्रभारी के पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने इसकी वजह खराब स्वास्थ्य और चुनावी नतीजों की नैतिक जिम्मेदारी बताई थी। हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत हासिल नहीं हो सकी थी, जिसके बाद उन्होंने पार्टी केंद्रीय नेतृत्व पर यह फैसला छोड़ दिया था कि उनकी जगह कोई अन्य नेता जिम्मेदारी संभाले।
दीपक बाबरिया: संगठन के समर्पित कार्यकर्ता
दीपक बाबरिया का नाम कांग्रेस संगठन के भीतर काम करने वाले अनुभवी नेताओं में सम्मान से लिया जाता रहा है। अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारी मिलने के कारण उन्हें पार्टी के संगठनात्मक कामकाज का गहरा अनुभव था। हरियाणा और मध्य प्रदेश में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते वह राज्य की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चित रहे। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अपनी संगठनात्मक शक्ति को पुनर्स्थापित करने में जुटी हुई है, और पार्टी के एक अनुभवी संगठनकर्ता का यह जाना उसके लिए बड़ा झटका है।
कांग्रेस पर असर
बाबरिया जैसे वरिष्ठ संगठन-प्रबंधकों की भूमिका पार्टी में रणनीतिक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनके निधन के बाद कांग्रेस नेतृत्व को हरियाणा और संबद्ध राज्यों में संगठनात्मक शून्य भरने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पार्टी के भीतर उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने की माँग भी उठने लगी है।