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क्या 'अपने ही नागरिकों पर आरोप लगाना गलत है'? मोहन भागवत की टिप्पणी पर बोले कांग्रेस सांसद

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क्या 'अपने ही नागरिकों पर आरोप लगाना गलत है'? मोहन भागवत की टिप्पणी पर बोले कांग्रेस सांसद

सारांश

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने मोहन भागवत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपने नागरिकों पर झूठे आरोप लगाना पूरी तरह से गलत है। जानिए इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है और मोहन भागवत का क्या तर्क है।

मुख्य बातें

झूठे आरोप लगाना गलत है।
हर नागरिक को अपने देश से प्रेम करना चाहिए।
बाहरी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है।
आत्मनिर्भरता और स्वदेशी का महत्व।
संगठनात्मक एकता बनाए रखना चाहिए।

दिल्ली, १३ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के वक्तव्य को गलत बताया है। संघ प्रमुख ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि हमें अपने देश के प्रति भक्ति रखनी चाहिए और 'तेरे टुकड़े हों' जैसी सोच का हमारे देश में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इस पर कांग्रेस सांसद ने उत्तर दिया कि हमारे देश में ऐसी कोई भावना नहीं है।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में स्पष्ट किया, "जो लोग ऐसे झूठे आरोप लगाते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि यहाँ ऐसी कोई स्थिति नहीं है। हर नागरिक अपने देश से प्रेम करता है। अगर कोई बाहरी व्यक्ति आतंक फैलाने या शांति को भंग करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरे अनुसार अपने ही नागरिकों पर ऐसे आरोप लगाना पूरी तरह से गलत है। हाल ही में जेएनयू में जो घटना हुई, वह पूर्वनिर्धारित योजना का हिस्सा थी।"

कई खाड़ी देशों में फिल्म 'धुरंधर' पर बैन के विषय में कांग्रेस सांसद ने कहा, "मैंने स्वयं यह फिल्म नहीं देखी है, लेकिन यदि कई देशों ने इस पर बैन लगाया है, तो यह देखना आवश्यक है कि क्या इसमें ऐसा कोई आपत्तिजनक कंटेंट है जिसके कारण पाकिस्तान और अन्य देशों ने इस पर ध्यान दिया है।"

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को अंडमान और निकोबार द्वीप के श्री विजयपुरम में सावरकर की प्रतिमा के अनावरण के समय 'तेरे टुकड़े हों' की भावना के बारे में बयान दिया था। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसे विचारों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए, जो देश को विभाजित करते हैं। सावरकर ने कभी अपने आप को किसी जाति या क्षेत्र से नहीं जोड़ा, बल्कि केवल एक देश के सेवक के रूप में देखा।

उन्होंने आगे कहा, "जहां भारतीयों की पूर्वजों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, वहीं आज की पीढ़ी को देश की प्रगति के लिए जीना चाहिए।" उन्होंने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के महत्व पर जोर दिया और माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को मेहनत करने और सफलता के मार्ग पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारिक अनवर ने मोहन भागवत के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तारिक अनवर ने कहा कि मोहन भागवत का बयान गलत है और हमारे देश में ऐसी कोई भावना नहीं है।
मोहन भागवत ने अपने बयान में क्या कहा?
मोहन भागवत ने कहा कि हमें अपने देश की भक्ति रखनी चाहिए और 'तेरे टुकड़े हों' की भावना का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
क्या 'धुरंधर' फिल्म पर बैन लगाया गया है?
हाँ, कई खाड़ी देशों ने फिल्म 'धुरंधर' पर बैन लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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