पंजाब चुनाव 2027: नाना पटोले का दावा — राहुल गांधी पर भरोसे से बनेगी कांग्रेस सरकार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने 5 नवंबर 2026 को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस सरकार बनाएगी, क्योंकि पंजाब की जनता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर भरोसा करती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में चुनावी सभाएँ कर नशामुक्ति का वादा कर रहे हैं।
पटोले का सीधा दावा
पटोले ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'पंजाब को राहुल गांधी पर विश्वास है और कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी।' उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का झुकाव कांग्रेस की ओर स्पष्ट दिख रहा है और चुनाव परिणाम इसी दिशा में आएँगे।
अमित शाह के नशामुक्ति वादे पर निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में चुनावी सभा के दौरान राज्य को नशामुक्त बनाने का भरोसा दिलाया था। पटोले ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शाह गृह मंत्री रहते हुए पंजाब को नशामुक्त कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब चुनावों के दौरान जनता को भ्रमित करने की रणनीति है।
पटोले ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनावों के दौरान घुसपैठियों का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन चुनाव बाद सब शांत हो जाता है। उनके अनुसार, 'अब जनता भी समझने लगी है कि भाजपा के लोग सिर्फ झूठ बोलते हैं।'
राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पर पटोले का पक्ष
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिबेट की चुनौती दिए जाने के सवाल पर पटोले ने कहा कि रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली के खिलाफ भाजपा नेताओं के बयानों के जवाब में राहुल ने यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया, जो दर्शाता है कि 'भाजपा राहुल गांधी से डरी हुई है।'
गोकुल डेयरी और लोकतंत्र पर हमला
पटोले ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा को यह अभियान चलाने का नैतिक अधिकार नहीं है। गोकुल डेयरी चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जब महायुति को वहाँ सत्ता नहीं मिली, तो पाँच सदस्यों को नियुक्त कर उन्हें मतदान का अधिकार दे दिया गया। उन्होंने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया और कहा कि महाराष्ट्र के लिए यह बड़ा दुर्भाग्य है।
आगे क्या
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच प्रचार की शुरुआत हो चुकी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों पंजाब की जनता को लुभाने में जुटी हैं। आने वाले महीनों में यह राजनीतिक घमासान और तीव्र होने की संभावना है।