1 अक्टूबर 2026
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नशामुक्त पंजाब पर अमित शाह के वादे को सतीश पुनिया का समर्थन, 31 दिसंबर 2029 की डेडलाइन

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नशामुक्त पंजाब पर अमित शाह के वादे को सतीश पुनिया का समर्थन, 31 दिसंबर 2029 की डेडलाइन

सारांश

BJP नेता सतीश पुनिया का दावा — अमित शाह का ट्रैक रिकॉर्ड (अनुच्छेद 370, नक्सलवाद) बताता है कि 31 दिसंबर 2029 की नशामुक्ति डेडलाइन पूरी होगी। पंजाब चुनाव में 'नशामुक्त पंजाब' BJP का मुख्य मुद्दा होगा।

मुख्य बातें

BJP नेता सतीश पुनिया ने 1 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में कहा कि अमित शाह अपने वादे पूरे करते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब समेत पूरे देश से नशा खत्म करने की घोषणा की है।
आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP का मुख्य मुद्दा 'नशामुक्त पंजाब' होगा।
पुनिया ने कांग्रेस पर आंतरिक गुटबाजी का आरोप लगाते हुए उसे 'क्षेत्रीय पार्टी' बताया।
पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह के BJP में बने रहने की पुनिया ने पुष्टि की।
हरियाणा में BJP की तीसरी बार सरकार बनाने का श्रेय लेते हुए नायब सैनी की सराहना की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सतीश पुनिया ने 1 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब और पूरे देश से नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प पूरी तरह पूरा होकर रहेगा। पुनिया ने स्पष्ट किया कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP का मुख्य चुनावी मुद्दा 'नशामुक्त पंजाब' होगा।

अमित शाह के वादे पर पुनिया का भरोसा

पुनिया ने कहा कि जनता को अमित शाह पर विश्वास इसलिए है क्योंकि उन्होंने अतीत में कठिन-से-कठिन चुनौतियाँ पूरी की हैं। उन्होंने नक्सलवाद पर अंकुश लगाया और अनुच्छेद 370 को हटाया — दोनों ऐसे मुद्दे थे जिन्हें दशकों से अनसुलझा माना जाता था। उनके अनुसार, पंजाब के लोग इसी ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर अमित शाह के ड्रग्स-विरोधी अभियान पर भरोसा कर रहे हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से एक प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनी हुई है और विभिन्न दलों ने इस पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं।

कांग्रेस पर तीखा हमला

पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर जारी खींचतान पर पुनिया ने कहा कि कांग्रेस धीरे-धीरे एक क्षेत्रीय पार्टी बनकर रह गई है। उनके अनुसार, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें थीं, वहाँ वह दूसरे नंबर पर खिसक गई है। पुनिया ने कहा, 'जहाँ कांग्रेस सत्ता में है वहाँ भी आपसी टकराव है, और जहाँ सत्ता में नहीं है वहाँ भी गुटबाजी है — इस आंतरिक कलह से पार्टी के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।'

कैप्टन अमरिंदर सिंह पर रुख

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के BJP में बने रहने को लेकर उठे सवालों पर पुनिया ने कहा कि उन्होंने खुद अमरिंदर सिंह से बात की है और उन्हें कोई निजी नाराजगी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमरिंदर सिंह ने खुद कह दिया है कि वे 'कहीं नहीं जा रहे' और विचारधारा से जुड़े रहेंगे। पुनिया ने उन्हें पार्टी के लिए 'अहम व्यक्ति' बताया।

कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना

पुनिया ने कैप्टन स्मित मच्छार की साहस और सूझबूझ की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उनके अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विकट परिस्थितियों में सैकड़ों जानें बचाईं। पुनिया ने उन्हें 'असली हीरो' बताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

हरियाणा के अनुभव पर विदाई संबोधन

हरियाणा के पूर्व प्रभारी के रूप में विदाई समारोह में पुनिया ने कहा कि हरियाणा में काम करना उनके लिए सुखद अनुभव रहा और वे उस जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर खुद को 'खुशकिस्मत' महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि BJP ने हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनाई और नायब सैनी के नेतृत्व में राज्य में अच्छा काम हो रहा है।

पुनिया के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि BJP पंजाब चुनाव में नशे के मुद्दे को केंद्र में रखकर AAP सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि नशे की समस्या दशकों पुरानी है और केंद्र-राज्य समन्वय के बिना इसका समाधान असंभव है। अनुच्छेद 370 या नक्सलवाद की तुलना यहाँ चुनावी बयानबाज़ी में कारगर हो सकती है, पर ड्रग्स की सप्लाई चेन की जड़ें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक फैली हैं। बिना मापने योग्य मध्यवर्ती लक्ष्यों के, यह डेडलाइन भी महज़ एक राजनीतिक नारे में बदलने का जोखिम रखती है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने नशामुक्त पंजाब के लिए क्या डेडलाइन दी है?
गृह मंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश से नशे को जड़ से खत्म करने की डेडलाइन दी है। BJP इसी मुद्दे को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में अपना मुख्य एजेंडा बनाने की तैयारी में है।
सतीश पुनिया ने अमित शाह के ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला क्यों दिया?
पुनिया ने कहा कि अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाना और नक्सलवाद पर नियंत्रण जैसे कठिन मुद्दे हल किए हैं, इसलिए पंजाब की जनता उनके नशामुक्ति के वादे पर भरोसा कर सकती है। यह तर्क BJP की 'डिलीवरी मैन' छवि को मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पुनिया ने कांग्रेस को लेकर क्या कहा?
पुनिया ने कांग्रेस को 'क्षेत्रीय पार्टी' बताते हुए कहा कि वह सत्ता में हो या न हो, हर जगह आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि इस आपसी टकराव के चलते पार्टी के लिए राजनीतिक जगह घटती जा रही है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह BJP में बने रहेंगे?
सतीश पुनिया ने स्पष्ट किया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद कहा है कि वे 'कहीं नहीं जा रहे' और BJP की विचारधारा से जुड़े रहेंगे। पुनिया ने उनसे व्यक्तिगत बातचीत का हवाला देते हुए किसी निजी नाराजगी से इनकार किया।
कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और पुनिया ने उनकी तारीफ क्यों की?
कैप्टन स्मित मच्छार को पुनिया ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद सैकड़ों जानें बचाने के लिए 'असली हीरो' बताया। पुनिया ने उनके जज़्बे और सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
राष्ट्र प्रेस
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