क्या जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने का फैसला किया?
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श्रीनगर, 24 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के सभी कांग्रेस विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उम्मीदवारों का समर्थन करने का निर्णय लिया है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान शुक्रवार को होना है।
यह निर्णय जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) की गुरुवार देर शाम श्रीनगर में हुई बैठक के बाद लिया गया।
कांग्रेस ने एनसी को समर्थन देने की घोषणा करके अपने राजनीतिक गठबंधन को और मजबूत किया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जेकेपीसीसी अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि सभी छह कांग्रेस विधायक एनसी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे।
बैठक के बाद कर्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा को हराना कांग्रेस-एनसी गठबंधन की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ हमारा गठबंधन मजबूत और सैद्धांतिक है, हमारा लक्ष्य है कि भाजपा इस चुनाव में हार का सामना करे।
राज्यसभा चुनाव गठबंधनों की ताकत का परीक्षण करेगा और पार्टियों के बीच किसी भी दरार को उजागर कर सकता है। दोनों पक्ष निर्णायक दिन के लिए तैयार हो रहे हैं; अब सबकी निगाहें आंकड़ों पर हैं।
एनसी ने चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं: मोहम्मद रजवान चौधरी, सजाद किचलू, शमी ओबेरॉय और इमरान नबी डार।
वहीं, भाजपा ने तीन सीटों के लिए तीन उम्मीदवार उतारे हैं। चौथी सीट के लिए भाजपा ने अपने केंद्र शासित प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा को मैदान में उतारा है।
एनसी को तीन सीटों पर प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त है, जबकि चौथी सीट पर भाजपा को एनसी गठबंधन पर बढ़त है, 28 वोटों के मुकाबले एनसी के 24 वोट।
पीडीपी ने तीसरी सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने की घोषणा की है।
90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सभी निर्वाचित विधायक राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के योग्य हैं।
ये चुनाव लगभग 10 वर्षों के बाद हो रहे हैं और फरवरी 2021 के बाद जम्मू-कश्मीर में कोई सक्रिय विधानसभा नहीं होने के कारण ये चुनाव नहीं हो पाए थे।