2 नवंबर 2026
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दादरी षड्यंत्र: पड़ोसी को फंसाने के लिए खुद पर चलवाई गोली, तीन गिरफ्तार

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दादरी षड्यंत्र: पड़ोसी को फंसाने के लिए खुद पर चलवाई गोली, तीन गिरफ्तार

सारांश

पड़ोसी से बदला लेने की नीयत इतनी गहरी थी कि खुद अपनी देह पर गोली चलवाई — और पूरी 'घटना' सीसीटीवी के सामने रची। दादरी पुलिस ने हरेन्द्र नागर के इस सुनियोजित षड्यंत्र को उजागर कर उसके बेटे, साले और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया।

मुख्य बातें

हरेन्द्र नागर ने पड़ोसी विकास सैन को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए सीसीटीवी कैमरे के सामने खुद पर गोली चलवाई।
2 नवंबर 2026 को दादरी पुलिस ने बिसाहड़ा अंडरपास से तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी हरेन्द्र के पुत्र अभिषेक (25) , साले अतुल भाटी (29) और भतीजे प्रतीक उर्फ कलुआ (26) हैं।
बरामदगी में एक अवैध तमंचा , दो कारतूस , स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और सीपी प्लस का डीवीआर शामिल हैं।
अतुल भाटी के खिलाफ मारपीट, लूट और चोरी के कई पुराने मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
पुलिस षड्यंत्र के अन्य पहलुओं और शेष आरोपियों की भूमिका की जांच जारी रख रही है।

गौतमबुद्धनगर के दादरी थाना क्षेत्र में 2 नवंबर 2026 को पुलिस ने एक चौंकाने वाले षड्यंत्र का पर्दाफाश किया, जिसमें हरेन्द्र नागर नामक व्यक्ति ने अपने पड़ोसी विकास सैन को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए जानबूझकर खुद पर गोली चलवाई। आपसी कहासुनी के बदले में रची गई इस सुनियोजित साजिश में हरेन्द्र के अपने रिश्तेदार और परिचित शामिल थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर षड्यंत्र उजागर करते हुए तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

षड्यंत्र का पूरा घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, हरेन्द्र नागर पुत्र समर सिंह, निवासी दादरी थाना क्षेत्र, और उनके पाँच अन्य साथियों ने मिलकर यह योजना बनाई। योजना यह थी कि पड़ोसी विकास सैन के साथ हुई पुरानी कहासुनी को आधार बनाकर उसे किसी जघन्य अपराध में फंसाया जाए, ताकि उसे जेल भिजवाया जा सके।

इस योजना को अंजाम देने के लिए हरेन्द्र नागर ने अतुल भाटी और कलुआ उर्फ प्रतीक को अपने घर बुलाया। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे के सामने ही जानबूझकर खुद पर फायरिंग कराई गई, ताकि घटना पूरी तरह वास्तविक दिखे। फायरिंग के बाद हरेन्द्र नागर ने विकास सैन के खिलाफ दादरी थाने में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।

पुलिस जांच में कैसे खुला राज

प्रारंभिक शिकायत दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने विवेचना शुरू की, तो घटनाक्रम में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर यह स्पष्ट हो गया कि फायरिंग की पूरी घटना पूर्वनियोजित थी। इसके अलावा आरोपियों के बीच संपर्क और उनकी भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जांच में मिले। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब झूठी एफआईआर के मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस पहले से सतर्क है।

2 नवंबर 2026 को दादरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों वांछित अभियुक्तों को बिसाहड़ा अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

गिरफ्तार तीनों आरोपी हरेन्द्र नागर के करीबी रिश्तेदार हैं। प्रतीक उर्फ कलुआ (26), निवासी ग्राम कूड़ीखेड़ा, थाना बादलपुर — हरेन्द्र का भतीजा है। अतुल भाटी (29), निवासी साकीपुर, थाना सूरजपुर — हरेन्द्र का साला है। अभिषेक नागर (25), निवासी न्यादरगंज, थाना दादरी — हरेन्द्र का पुत्र है। तीनों पर इस षड्यंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने का आरोप है।

पुलिस द्वारा जारी विवरण के अनुसार, अतुल भाटी का व्यापक आपराधिक इतिहास है — दादरी, सूरजपुर और बीटा-2 थानों में मारपीट (2023), घर में घुसकर हमला (2016, 2017), चोरी (2019) और लूट के मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं प्रतीक उर्फ कलुआ और अभिषेक नागर के विरुद्ध इस मामले के अतिरिक्त कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं बताया गया है।

बरामद साक्ष्य

गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक अवैध तमंचा और दो कारतूस बरामद किए हैं। इसके साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और सीपी प्लस कंपनी का एक डीवीआर भी जब्त किया गया है। ये सभी वस्तुएं मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मानी जा रही हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि हरेन्द्र नागर के भाई सतेन्द्र उर्फ सत्ते को वर्ष 2007 के एक मुकदमे में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।

आगे की जांच

पुलिस के अनुसार, फिलहाल इस षड्यंत्र से जुड़े अन्य पहलुओं और शेष आरोपियों की संलिप्तता की जांच जारी है। जांच में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ न्यायिक प्रक्रिया को हथियार की तरह इस्तेमाल करने के लिए शारीरिक नुकसान उठाने तक की तैयारी थी। चिंताजनक यह है कि षड्यंत्र परिवार के सदस्यों — पुत्र, साले और भतीजे — के सहयोग से रचा गया, जो सामाजिक दबाव और पारिवारिक एकजुटता के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। सीसीटीवी फुटेज ने साजिश उजागर की — लेकिन यह सवाल भी उठता है कि जहाँ निगरानी तंत्र इतना मजबूत न हो, वहाँ ऐसे षड्यंत्र कितने मामलों में सफल हो जाते हैं। पुलिस जांच की गुणवत्ता यहाँ सराहनीय रही, पर असली परीक्षा यह है कि मूल शिकायतकर्ता हरेन्द्र नागर के विरुद्ध भी उतनी ही कड़ी कार्रवाई हो।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दादरी में खुद पर फायरिंग कराने का षड्यंत्र क्या है?
गौतमबुद्धनगर के दादरी थाना क्षेत्र में हरेन्द्र नागर ने अपने पड़ोसी विकास सैन को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे के सामने खुद पर गोली चलवाई और उसके बाद विकास के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस की जांच में यह पूरी साजिश उजागर हो गई।
इस मामले में कितने और किन्हें गिरफ्तार किया गया?
2 नवंबर 2026 को दादरी पुलिस ने तीन वांछित अभियुक्तों को बिसाहड़ा अंडरपास से गिरफ्तार किया — प्रतीक उर्फ कलुआ (26), अतुल भाटी (29) और अभिषेक नागर (25)। ये तीनों क्रमशः हरेन्द्र नागर के भतीजे, साले और पुत्र हैं।
पुलिस ने षड्यंत्र का भंडाफोड़ कैसे किया?
पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनाक्रम में कई संदिग्ध तथ्य पाए। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फायरिंग पूर्वनियोजित थी, और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जांच में मिले।
आरोपियों के कब्जे से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एक अवैध तमंचा, दो कारतूस, घटना में इस्तेमाल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और सीपी प्लस कंपनी का एक डीवीआर बरामद किया। इन सभी वस्तुओं को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार, षड्यंत्र से जुड़े अन्य पहलुओं और शेष आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। मूल शिकायतकर्ता हरेन्द्र नागर और इस साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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