8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दरभंगा फायरिंग कांड के पांच मुख्य आरोपी आत्मसमर्पण करेंगे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दरभंगा फायरिंग कांड के पांच मुख्य आरोपी आत्मसमर्पण करेंगे?

सारांश

बिहार के दरभंगा जिले में हुई फायरिंग ने स्थानीय समुदाय में आतंक का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। क्या आरोपी आत्मसमर्पण करेंगे या प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

दरभंगा में अंधाधुंध फायरिंग की घटना ने भय का माहौल पैदा किया।
आरोपियों को आत्मसमर्पण का अल्टीमेटम दिया गया है।
प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग की है।
घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

दरभंगा, 8 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के दरभंगा जिला स्थित केवटी थाना क्षेत्र के भेड़याही गांव में 9 जुलाई को दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध फायरिंग ने इलाके में दहशत फैला दी थी। इस घटना में नकाबपोश अपराधियों ने पीड़ित नजरे आलम के घर पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी।

सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से सात गोली के खोखे बरामद किए और जांच शुरू की। पीड़ित परिवार ने 16 लोगों को आरोपी बनाया, जिसमें पाँच लोग, श्रवण यादव, मनीष यादव, सुनील यादव, बिल्ला और राहुल यादव को मुख्य आरोपी बताया गया। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे।

सदर डीएसपी कमतौल एस के सुमन ने बताया कि कोर्ट के आदेश के आलोक में पांचों मुख्य आरोपियों के घरों पर इस्तेहार चिपकाया गया है, जिसमें उन्हें आत्मसमर्पण करने का अंतिम मौका दिया गया है।

डीएसपी ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में आत्मसमर्पण न करने पर आरोपियों की संपत्ति कुर्क की जाएगी।

वहीं, पीड़ित नजरे आलम ने बताया कि 4 जुलाई को दरभंगा बस स्टैंड का टेंडर उनके भाई शमशे आलम उर्फ पप्पू सहित पाँच लोगों की साझेदारी में अमर साहू को मिला था। टेंडर मिलने के तीन दिन बाद ही बदमाशों ने बस स्टैंड के गेट पर हवाई फायरिंग की, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 9 जुलाई को दोपहर साढ़े तीन बजे सात बाइक पर सवार 16 नकाबपोश अपराधियों ने नजरे आलम के घर पर हमला बोल दिया और अंधाधुंध गोलीबारी की। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

नजरे आलम ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की गवाही के आधार पर श्रवण यादव, मनीष यादव, सुनील यादव, बिल्ला और राहुल यादव सहित अन्य लोगों की घटना में संलिप्तता सामने आई है। ये अपराधी एक खतरनाक गैंग से जुड़े हैं।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना जरूरी है। यह मामला केवल दरभंगा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश है कि कानून व्यवस्था को सख्त बनाया जाना चाहिए।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दरभंगा फायरिंग कांड में कितने लोग आरोपी हैं?
इस कांड में पीड़ित परिवार ने 16 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 5 मुख्य आरोपी हैं।
क्या प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है?
हाँ, प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर इस्तेहार चिपकाए हैं और आत्मसमर्पण का अल्टीमेटम दिया है।
क्या इस घटना में कोई हताहत हुआ?
गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा?
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या आरोपी आत्मसमर्पण करेंगे?
यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उन्हें आत्मसमर्पण का अंतिम मौका दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले