क्या डेटा सेंटर नीति ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल निवेश का नया केंद्र बना दिया?

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क्या डेटा सेंटर नीति ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल निवेश का नया केंद्र बना दिया?

सारांश

उत्तर प्रदेश की डेटा सेंटर नीति ने प्रदेश को निवेश के लिए एक नया डिजिटल केंद्र बना दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों ने निवेशकों का विश्वास जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।

Key Takeaways

  • डेटा सेंटर नीति ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल निवेश का नया केंद्र बनाया है।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों ने निवेशकों का विश्वास जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • अब प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने का लक्ष्य है।
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने प्रदेश की निवेश क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया।
  • डेटा सेंटर नीति ने डिजिटल इंडिया के विजन में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाया है।

लखनऊ, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की सरकार की डेटा सेंटर नीति ने प्रदेश को देश के अत्यधिक उभरते डिजिटल हब के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश ने निवेशकों का विश्वास जीतने के साथ-साथ डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।

इस नीति को जनवरी 2021 में अधिसूचित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक निजी डेटा सेंटर पार्कों का विकास करना और डेटा सेंटर उद्योग को सशक्त बनाना था। प्रारंभिक चरण में तीन डेटा सेंटर पार्कों का विकास और 250 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर उद्योग को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे सरकार ने पहले ही वर्ष में हासिल कर लिया।

लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति के बाद, प्रदेश सरकार ने नीति में संशोधन किया, जिससे यह और अधिक व्यावहारिक और निवेश अनुकूल बन गई। अब तीन के बजाए 8 डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है, साथ ही 30,000 करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश से 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

प्रदेश में अब तक लगभग 21,343 करोड़ रुपए के निवेश को स्वीकृति दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 6 डेटा सेंटर पार्क और 40 मेगावाट से कम क्षमता वाली 2 डेटा सेंटर इकाइयों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 7 परियोजनाएं पूरी तरह संचालित हो चुकी हैं, जिससे प्रदेश की डिजिटल क्षमताओं में वृद्धि हुई है। योगी सरकार की स्पष्ट नीति, पारदर्शिता और मजबूत कानून-व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद गंतव्य बना दिया है। डेटा सेंटर जैसे पूंजी और तकनीक पर आधारित क्षेत्रों में निवेशकों का बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार की नीतियां सफलतापूर्वक लागू हो रही हैं।

फरवरी 2023 में लखनऊ में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमता को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। इस समिट में कुल 1,36,124 करोड़ रुपए की निवेश परियोजनाओं के लिए 29 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था और डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कुल मिलाकर, डेटा सेंटर नीति ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल इंडिया के विजन में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव रख दी है।

Point of View

बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

उत्तर प्रदेश की डेटा सेंटर नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक निजी डेटा सेंटर पार्कों का विकास करना और डेटा सेंटर उद्योग को सशक्त बनाना है।
अभी तक उत्तर प्रदेश में कितने डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए गए हैं?
अब तक 6 डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जा चुके हैं और 2 डेटा सेंटर इकाइयाँ भी मंजूर की गई हैं।
डेटा सेंटर नीति के तहत निवेश का कुल अनुमानित राशि क्या है?
डेटा सेंटर नीति के तहत 30,000 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
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