दावणगेरे उपचुनाव: कांग्रेस को अल्पसंख्यक वोट से सबक सिखाएंगे वी. सोमन्ना
सारांश
Key Takeaways
- दावणगेरे उपचुनाव देश की दिशा तय करेगा।
- वी. सोमन्ना ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।
- भाजपा के श्रीनिवास दासाकारीप्पा जीत के दावेदार हैं।
- अल्पसंख्यक वोट का महत्व बढ़ गया है।
- चुनाव 9 अप्रैल को होगा।
दावणगेरे, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक के दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का निकट भविष्य में होने वाला उपचुनाव देश की राजनीतिक दिशा को निर्धारित करने वाला होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा के उम्मीदवार श्रीनिवास दासाकारीप्पा इस चुनाव में विजय प्राप्त करेंगे।
मीडिया के साथ बातचीत में सोमन्ना ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी लगातार तीसरी पीढ़ी को टिकट दे रही है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि कब तक एक ही परिवार को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा।
सोमन्ना ने कहा कि दावणगेरे का यह चुनाव अल्पसंख्यकों के आत्मसम्मान और भविष्य से जुड़ा हुआ है और भाजपा की जीत देश के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग स्नातक श्रीनिवास दासाकारीप्पा अवश्य जीतेंगे।
सोमन्ना ने कहा कि लोगों में यह धारणा है कि चुनाव केवल एक ही परिवार जीतता है, लेकिन इस बार भाजपा की जीत उस निराशा को समाप्त करेगी। उन्होंने कहा कि दावणगेरे में अल्पसंख्यक वोट निर्णायक हैं और वे कांग्रेस को एक सबक सिखाने का संकेत दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने कई चुनाव देखे हैं, लेकिन दावणगेरे की वर्तमान स्थिति अद्वितीय है। सब कुछ 9 अप्रैल को स्पष्ट हो जाएगा।”
दावणगेरे के विकास के बारे में बोलते हुए सोमन्ना ने कहा कि यह शहर अब कर्नाटक का “मैनचेस्टर” नहीं रहा, क्योंकि यहाँ विकास नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आत्मसम्मान का चुनाव है और भाजपा की जीत से विकास की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामनूर शिवशंकरप्पा के परिवार पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि एक परिवार अपने आप को ही जीतने वाला मानता है, लेकिन यह रास्ता एक बंद गली की ओर जाता है। कांग्रेस ने शिवशंकरप्पा के पोते समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया है, जिनके पिता मंत्री और माँ कांग्रेस सांसद हैं।
सोमन्ना ने पूर्व सांसद जी.एम. सिद्धेश्वर के योगदान की सराहना की और कहा कि भाजपा की जीत से विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर हमला करते हुए सोमन्ना ने कहा कि उन्होंने कर्नाटक में रेलवे क्षेत्र के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं, लेकिन फिर भी उनकी आलोचना की जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सिद्धारमैया को संकीर्ण सोच से बाहर निकलना चाहिए और प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय मंत्रियों की अनावश्यक आलोचना नहीं करनी चाहिए।