बिहार में बैकुंठ धाम: श्री बालाजी नरसिंह के रूप में भगवान विष्णु की अद्भुत मूर्ति

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बिहार में बैकुंठ धाम: श्री बालाजी नरसिंह के रूप में भगवान विष्णु की अद्भुत मूर्ति

सारांश

बिहार के भोजपुर में खुला श्री बालाजी नरसिंह मंदिर, जो दक्षिण भारतीय मंदिरों की भव्यता को दर्शाता है। जानिए इसकी खासियतें और निर्माण की प्रक्रिया के बारे में।

Key Takeaways

  • मंदिर का निर्माण 10-11 करोड़ की लागत से हुआ है।
  • यह तिरुपति बालाजी के समान बनाया गया है।
  • मंदिर की दीवारों पर देवी-देवताओं की बारीक नक्काशी है।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत अपनी विविधताओं और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, और यही कारण है कि जब भी आप भारत के किसी भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां के संस्कृति, खान-पान और भाषा में आपको भिन्नता देखने को मिलेगी।

दक्षिण भारत की अद्वितीय शिल्प शैली का अपना एक अलग स्थान है और वहां के मंदिरों की दीवारें खुद में एक इतिहास की गवाही देती हैं। अब, बिहार में भी आप दक्षिण भारतीय मंदिरों की भव्यता का अनुभव कर सकते हैं।

बिहार के भोजपुर जिले में स्थित श्री बालाजी नरसिंह मंदिर का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है और इसे 12 अप्रैल से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस मंदिर में भक्तों की भक्ति का माहौल बना हुआ है, जो 'तिरुपति बालाजी' की तर्ज पर बने मंदिर में दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। खेसारी लाल यादव ने भी मंदिर की कुछ अद्भुत तस्वीरें साझा की हैं। आज हम इस मंदिर के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

इस मंदिर का निर्माण 'तिरुपति बालाजी' के समान किया गया है, जिसमें लगभग 10-11 करोड़ रुपये की लागत आई है और इसे बनाने में करीब 10 महीने का समय लगा। मंदिर को दक्षिण भारतीय शिल्प शैली में सजाया गया है, जिसके कारण यह बिहार में बहुत प्रसिद्ध हो गया है। मंदिर की दीवारों पर देवी-देवताओं की सुंदर नक्काशी की गई है और इसे विभिन्न रंगों से सजाया गया है।

मंदिर का मुख्य द्वार और गोपुरम अत्यंत भव्य हैं। मुख्य द्वार पर गरुड़ भगवान और बजरंगबली की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जबकि गोपुरम पर सूर्य देव की प्रतिमाएं बनी हुई हैं, साथ ही कई छोटे मंदिर भी यहां बनाए गए हैं। इसे बैकुंठ धाम के समान दिखाने का प्रयास किया गया है, जहां बालाजी नरसिंह के स्वरूप में विश्राम कर रहे हैं।

इस मंदिर की खासियत यह है कि गर्भगृह में मौजूद प्रतिमा को कृष्णशिला पत्थर से बनाया गया है। यह प्रतिमा उसी शिल्पकार ने बनाई है, जिसने अयोध्या में रामलला की मूर्ति का निर्माण किया था। मंदिर की शेष प्रतिमाएं भी उन्हीं द्वारा बनाई गई हैं, जबकि गर्भगृह का निर्माण चेन्नई के निकट महाबलीपुरम के कारीगरों द्वारा किया गया है।

Point of View

बल्कि यह भारत की विविधता और समृद्ध संस्कृति को भी दर्शाता है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

श्री बालाजी नरसिंह मंदिर कब खोला गया?
यह मंदिर 12 अप्रैल को आम जनता के लिए खोला गया।
मंदिर का निर्माण किस शिल्प शैली में किया गया है?
इसका निर्माण दक्षिण भारतीय शिल्प शैली में किया गया है।
मंदिर की मूर्तियों का निर्माण किसने किया?
गर्भगृह में स्थित मूर्ति को उसी शिल्पकार ने बनाया है, जिसने अयोध्या में रामलला की मूर्ति बनाई थी।
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