पश्चिम एशिया संकट पर एस जयशंकर की इजरायली विदेश मंत्री से महत्वपूर्ण चर्चा

Click to start listening
पश्चिम एशिया संकट पर एस जयशंकर की इजरायली विदेश मंत्री से महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इजरायल के गिदोन सार और ऑस्ट्रेलिया के समकक्ष से पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की। इस वार्ता में ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिकी नीतियों पर विचार किया गया। जानिए पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • जयशंकर की इजरायली विदेश मंत्री से बातचीत
  • पश्चिम एशिया के संकट पर चिंता
  • ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा
  • अमेरिका की नाकेबंदी की घोषणा
  • यूएसएस ट्रिपोली का शामिल होना

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया के संकट को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए इजरायल और ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों से फोन पर संवाद किया। इस बातचीत की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

जयशंकर ने बताया कि मंगलवार दोपहर को उन्होंने इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ टेलीफोन पर चर्चा की। "हमने पश्चिम एशिया से जुड़ी विविध पहलुओं पर बातचीत की।" गिदोन सार ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से इस वार्ता की पुष्टि की।

सार ने कहा कि एस. जयशंकर के साथ यह बातचीत हमेशा की तरह फलदायी रही। हमने ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान पर चर्चा की। सार के अनुसार, उन्होंने बातचीत में अमेरिका की शर्तों का उल्लेख किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भलाई पर जोर दिया।

इसके साथ ही, दूसरी पोस्ट में विदेश मंत्री जयशंकर ने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष से हुई बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ऑस्ट्रेलिया की सिनेटर वॉन्ग के साथ पश्चिम एशिया संघर्ष पर विचार-विमर्श किया।

होर्मुज पर अमेरिका की नाकेबंदी के बीच जयशंकर का इजरायल और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों से संवाद महत्वपूर्ण है। सोमवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाकेबंदी की घोषणा की थी।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड फोर्स (सेंटकॉम) के अनुसार, यह नाकेबंदी निर्धारित समय से शुरू हो गई है और इसे कड़ाई से लागू किया जाएगा। ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले हर जहाज पर नजर रखी जाएगी। हालाँकि, अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि जो जहाज ईरान के अलावा अन्य देशों के बंदरगाहों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे, उन्हें रोका नहीं जाएगा।

सेंटकॉम ने एक बयान में कहा, "नाकेबंदी उन जहाजों के खिलाफ लागू रहेगी जो ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं या वहाँ से बाहर जा रहे हैं। गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।"

अमेरिका के विशेष युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली (एलएचए-7) भी इस ऑपरेशन में शामिल है। यहाँ से एफ-35बी लाइटनिंग ॥ स्टील्थ फाइटर जेट, एमवी-22 ओस्प्रे विमान और हेलिकॉप्टर लगातार होर्मुज की ओर भेजे जा रहे हैं। सेंटकॉम ने बताया कि यूएसएस ट्रिपोली में अधिकतम संख्या में फाइटर जेट तैनात किए जा सकते हैं।

Point of View

जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और मजबूत कर सकता है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

किस विषय पर एस. जयशंकर ने वार्ता की?
एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर इजरायली और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रियों से वार्ता की।
इस वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
इस वार्ता में ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका की नीतियों पर चर्चा की गई।
क्या अमेरिका ने नाकेबंदी की घोषणा की है?
हाँ, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी की घोषणा की है।
इस वार्ता का महत्व क्या है?
यह वार्ता भारत की विदेश नीति को मजबूती प्रदान कर सकती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भलाई के लिए आवश्यक कदम उठाने में मदद कर सकती है।
कौन-कौन से युद्धपोत इस ऑपरेशन में शामिल हैं?
इस ऑपरेशन में अमेरिका का युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली शामिल है।
Nation Press