नीमच की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान योजना से मिली स्वास्थ्य सुरक्षा
सारांश
Key Takeaways
- नीमच की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले 'आयुष्मान कार्ड'.
- 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध.
- सरकार का निर्णय कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान दर्शाता है.
- चिकित्सा सहायता से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है.
- विशेष कैंपों के माध्यम से कार्ड बनाने की प्रक्रिया।
नीमच, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य' योजना आज करोड़ों लोगों के लिए एक नई आशा बनकर उभरी है। इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा-उषा कार्यकर्ताओं को भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किया है, जो निश्चित रूप से एक उत्कृष्ट और सकारात्मक कदम है। इसके परिणामस्वरूप, मध्य प्रदेश के नीमच जिले में कई महिलाओं ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
नीमच की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा-उषा कार्यकर्ताओं के लिए 'आयुष्मान कार्ड' बनाए जा चुके हैं। वे अब इस योजना का लाभ उठाने लगी हैं। वर्षों से मातृ और शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की नींव मानी जाने वाली ये कार्यकर्ता अब खुद भी स्वास्थ्य सुरक्षा के सशक्त कवच से जुड़ गई हैं।
नीमच जिले की कार्यकर्ताओं का मानना है कि सरकार द्वारा उन्हें इस योजना में शामिल करना उनके कार्य के प्रति मान्यता और सम्मान को दर्शाता है। इससे उनका मनोबल बढ़ा है और वे अपने कर्तव्यों को पहले से अधिक उत्साह के साथ निभा रही हैं।
ग्राम पंचायत भरभड़िया के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 की सहायिका देवकन्या सेन ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि पहले उनका 'आयुष्मान कार्ड' नहीं बना था, लेकिन अब उन्होंने इसे बनवाया है। इसके लिए वे पीएम मोदी का धन्यवाद करती हैं।
देवकन्या सेन ने कहा, "इस योजना में 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलता है। अगर कल कुछ हो जाए, तो 'आयुष्मान कार्ड' से इलाज में मदद मिलेगी और भटकना नहीं पड़ेगा। गरीब लोगों का बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं हो सकता, लेकिन इस कार्ड के माध्यम से 5 लाख रुपए का मुफ्त इलाज मिलेगा।"
आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 की कार्यकर्ता मंजू बाला पाटीदार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के 'आयुष्मान कार्ड' बनवा दिए हैं, जिससे अब हम किसी भी बीमारी पर किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं।
नीमच जिले के सिंगोली की आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 की कार्यकर्ता रेहाना ने कहा कि 5 लाख रुपए तक मुफ्त उपचार की योजना का लाभ हमें पहले नहीं मिल रहा था। अब पीएम मोदी के ऐलान के बाद हमारे कार्ड बनाए गए हैं। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष कैंप भी लगाए गए। रेहाना ने कहा कि भविष्य में हमें इसका लाभ मिलेगा।
महिला और बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के 'आयुष्मान कार्ड' बनाने का काम जिले में किया गया है। इसमें स्थानीय निकायों और पंचायतों ने विशेष कैंप आयोजित किए। आमजन के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 'आयुष्मान कार्ड' भी बनवाए गए हैं।
अंकिता पंड्या ने कहा कि जिले में 1112 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जहां कार्यरत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के कार्ड बनाए गए हैं। इससे उन्हें चिकित्सा संबंधी सहायता मिल रही है।