दिल्ली के वसंत एन्क्लेव में सेना के ब्रिगेडियर पर हमला, उपराज्यपाल संधू ने की कड़ी निंदा

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दिल्ली के वसंत एन्क्लेव में सेना के ब्रिगेडियर पर हमला, उपराज्यपाल संधू ने की कड़ी निंदा

सारांश

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने वसंत एन्क्लेव में एक ब्रिगेडियर और उनके परिवार पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने पुलिस को मामले की त्वरित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह घटना 11 अप्रैल को हुई थी।

Key Takeaways

  • उपराज्यपाल ने हमले की कड़ी निंदा की।
  • दिल्ली पुलिस को त्वरित जांच के निर्देश दिए गए।
  • घटना 11 अप्रैल को हुई थी।
  • ब्रिगेडियर ने पुलिस से मदद मांगी थी।
  • ब्रिगेडियर और उनके परिवार को सुरक्षा दी गई है।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने वसंत एन्क्लेव में भारतीय सेना के एक ब्रिगेडियर और उनके परिवार पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।

उपराज्यपाल संधू ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

दिल्ली के एलजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि वसंत एन्क्लेव में हुई घटना से मैं बहुत चिंतित हूं, जिसमें एक सेवारत ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी और उनके 23 वर्षीय बेटे (जो आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट हैं) पर हमला किया गया।

उन्होंने कहा, "मैंने खुद ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा से बात करके घटना के बारे में जानकारी ली और उनका हालचाल जाना। मैंने पुलिस कमिश्नर और डीसीपी से भी बात की और उन्हें निर्देश दिया कि वे इस मामले की पूरी और तेजी से जांच सुनिश्चित करें, ताकि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके। मैंने दिल्ली पुलिस को यह भी निर्देश दिया है कि वे उस अधिकारी और उनके परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करें। हम अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब ब्रिगेडियर अपने बेटे के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे।

राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए ब्रिगेडियर ने बताया कि जब वे अपने घर के बाहर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एक कार में बैठे दो लोग खुलेआम शराब पी रहे थे। उन्होंने इसका विरोध किया, जिस पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख ब्रिगेडियर ने तुरंत पुलिस को कॉल किया और पीसीआर वैन को बुलाया। पुलिस के पहुंचने में करीब 20 मिनट लग गए।

इस दौरान हालात और बिगड़ गए। कार में बैठे लोगों ने अपने कुछ साथियों को मौके पर बुला लिया। थोड़ी ही देर में 7-8 लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने ब्रिगेडियर के बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब ब्रिगेडियर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई।

ब्रिगेडियर के अनुसार, वे वसंत विहार पुलिस थाने पहुंचे लेकिन वहां उन्हें उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं मिली। पुलिस ने उनसे मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) लाने को कहा, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी उनके साथ अस्पताल नहीं गया। मजबूर होकर उन्हें खुद ही आरआर अस्पताल जाना पड़ा, जहां उन्होंने अपना एमएलसी बनवाया। हैरानी की बात यह रही कि इसके बाद भी पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की और सिर्फ एक जनरल डायरी में एंट्री कर ली।

Point of View

यह आवश्यक है कि पुलिस ऐसे मामलों में तत्परता दिखाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

वसंत एन्क्लेव में ब्रिगेडियर पर हमला कब हुआ?
यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे हुई।
उपराज्यपाल ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
ब्रिगेडियर ने पुलिस से क्या सहायता मांगी?
ब्रिगेडियर ने पुलिस को कॉल किया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने में 20 मिनट लग गए।
पुलिस ने रिपोर्ट क्यों नहीं लिखी?
पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की और केवल जनरल डायरी में एंट्री की।
ब्रिगेडियर के परिवार की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की गई?
उपराज्यपाल ने पुलिस को ब्रिगेडियर और उनके परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया।
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