उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट: पश्चिमी विक्षोभ से देहरादून में फिर बदला मौसम
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड में मानसून की विदाई के कुछ ही दिन बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल दिया है। मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के आठ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। देहरादून समेत कई हिस्सों में सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई।
मौसम परिवर्तन की वजह
मौसम विभाग के अनुसार, बीते शनिवार को उत्तराखंड से मानसून की औपचारिक विदाई हो चुकी थी। इसके तुरंत बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने प्रदेश में नमी और बादलों का सिलसिला फिर शुरू कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब पहाड़ी क्षेत्रों में शीत ऋतु की दस्तक के साथ मौसम पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में मानसून के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की यह घटनाएँ सामान्य मौसम चक्र का हिस्सा होती हैं, लेकिन हर बार इनका तीव्रता स्तर अलग हो सकता है।
बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले पाँच दिनों तक उत्तराखंड के सभी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके अतिरिक्त 4,200 मीटर और उससे अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं। ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से तापमान में तेज गिरावट आ सकती है, जिसका असर पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों पर पड़ेगा।
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का असर मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक तीव्र होता है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन की सतर्कता और जोखिम
येलो अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग भी सतर्क हो गए हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने और बिजली के तारों से जुड़े हादसों की आशंका भी बनी रहती है।
खुले स्थानों और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आम जनता पर असर
तापमान में गिरावट के संकेतों के बीच देहरादून और अन्य शहरी क्षेत्रों में दैनिक जीवन पर भी असर पड़ सकता है। बारिश और तेज हवाओं से यातायात प्रभावित होने की संभावना है, जबकि पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रहेगा।