6 अक्टूबर 2026
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उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी, 30-40 किमी/घंटा हवाओं के साथ 5 दिन बारिश का अनुमान

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उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी, 30-40 किमी/घंटा हवाओं के साथ 5 दिन बारिश का अनुमान

सारांश

मानसून जाने के बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने उत्तराखंड में दस्तक दी है। IMD ने 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है — तेज हवाएँ, बारिश और 4,200 मीटर से ऊपर बर्फबारी का अनुमान। दिल्ली-एनसीआर को भी बारिश से प्रदूषण में आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 6 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया।
अलर्ट वाले जिले: देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर।
इन जिलों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएँ और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान।
4,200 मीटर और उससे अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना।
पिछले शनिवार को राज्य से मानसून की विदाई के बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से यह बदलाव।
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार-बुधवार को बारिश से प्रदूषण में आंशिक राहत का अनुमान; तापमान 9 अक्टूबर तक 32 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़कने का पूर्वानुमान।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 6 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के 8 जिलों के लिए अगले पाँच दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव का अनुमान है, जिससे इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

किन जिलों में जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर — इन आठों जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं और कई स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी भी दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि अगले पाँच दिनों तक राज्य के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 4,200 मीटर और उससे अधिक ऊँचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। गौरतलब है कि पिछले शनिवार को राज्य से मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से यह मौसमी बदलाव आ रहा है, जो अक्टूबर के शुरुआती हफ्तों के लिए असामान्य नहीं माना जाता।

दिल्ली-एनसीआर में भी राहत की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम करवट ले रहा है। मंगलवार और बुधवार को बारिश और आँधी-तूफान की संभावना है, जिससे प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आने की उम्मीद है। मंगलवार, 7 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आर्द्रता 45 से 55 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।

8 और 9 अक्टूबर को भी हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है। 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है। 10 और 11 अक्टूबर को तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

वायु गुणवत्ता पर असर

मौसम विभाग के अनुसार, तेज़ हवाओं और बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार देखा गया है। हालाँकि, समग्र रूप से प्रदूषण का स्तर अभी भी बढ़ा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के बाद का यह संक्रमणकाल दिल्ली में वायु प्रदूषण की दृष्टि से संवेदनशील होता है।

आगे क्या होगा

मौसम विभाग के अनुमान के आधार पर उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में रहने वाले नागरिकों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह है। येलो अलर्ट का अर्थ है कि स्थिति पर नज़र रखी जाए और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन किया जाए। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में और स्पष्टता आने के साथ अलर्ट स्तर की समीक्षा की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन येलो अलर्ट की व्यापकता — एक साथ 8 जिले — यह संकेत देती है कि मौसम विभाग इस बार अधिक सतर्कता बरत रहा है। असली चिंता पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए है, जो अक्टूबर के शुरुआती हफ्तों में बड़ी संख्या में उत्तराखंड पहुँचते हैं — और जिनके लिए 40 किमी/घंटा की हवाएँ तथा ऊँचाई पर बर्फबारी का संयोजन जोखिम भरा हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से 'आंशिक राहत' का जो अनुमान है, वह इस तथ्य को नहीं छिपाता कि मानसून के बाद का संक्रमणकाल राजधानी के लिए वायु गुणवत्ता की दृष्टि से सबसे संवेदनशील होता है — और तात्कालिक राहत दीर्घकालिक समाधान का विकल्प नहीं है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में येलो अलर्ट किन जिलों के लिए जारी किया गया है?
भारतीय मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर — इन 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट अगले पाँच दिनों के लिए प्रभावी है।
उत्तराखंड में मौसम बदलाव का कारण क्या है?
पिछले शनिवार को राज्य से मानसून की विदाई के बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से यह मौसमी बदलाव आ रहा है। इसके कारण बारिश, तेज हवाएँ और ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान है।
4,200 मीटर से ऊपर के इलाकों में क्या होने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार, 4,200 मीटर और उससे अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। यह ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों के लिए विशेष सतर्कता का संकेत है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से प्रदूषण में कितनी राहत मिलेगी?
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को बारिश और आँधी-तूफान से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में आंशिक कमी आने की उम्मीद है। हालाँकि, समग्र प्रदूषण स्तर अभी भी बढ़ा हुआ बताया जा रहा है।
अगले कुछ दिनों में दिल्ली का तापमान कितना रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, 7-8 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और 10-11 अक्टूबर को 32 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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