क्या दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 165 किलो गांजे के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की?

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क्या दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 165 किलो गांजे के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की?

सारांश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें 165 किलो गांजा और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई एक विशेष टीम द्वारा की गई है, जिसने कूरियर नेटवर्क के जरिए तस्करी का भंडाफोड़ किया। जानें इस ऑपरेशन की पूरी कहानी और इसके पीछे की रणनीति।

Key Takeaways

  • 165 किलो गांजा बरामद किया गया है।
  • तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
  • गिरोह ने कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल किया।
  • पुलिस ने 1,800 किलोमीटर तक निगरानी रखी।
  • विशेष टीम ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एनडीआर टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इस टीम ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से कुल 165.74 किलोग्राम गांजा, 3 मोबाइल फोन और 2 स्कूटी बरामद की गई।

जांच में यह सामने आया कि यह गिरोह ओडिशा से दिल्ली तक एक कूरियर नेटवर्क के माध्यम से गांजे की तस्करी कर रहा था। हालांकि, पुलिस ने समय पर कार्रवाई करते हुए तस्करों के मंसूबों को विफल कर दिया।

मुख्य सूत्र को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच ने लगभग 1,800 किलोमीटर दूर तक सतत निगरानी रखी। लगातार ट्रैकिंग और जांच के बाद टीम ने आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार किया।

इस पूरे ऑपरेशन के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व एनडीआर के इंस्पेक्टर योगेश माथुर और इंस्पेक्टर विनोद यादव ने किया। टीम की कार्रवाई एसीपी उमेश बर्थवाल के निर्देशन और डीसीपी पंकज कुमार की संपूर्ण देखरेख में हुई।

जानकारी के अनुसार, यह गिरोह बड़े पैमाने पर गांजा ओडिशा से दिल्ली भेज रहा था। उनकी योजना इतनी सुदृढ़ थी कि उन्होंने कूरियर नेटवर्क का उपयोग किया ताकि पुलिस को कोई संदेह न हो। हालांकि, क्राइम ब्रांच की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते यह गिरोह अब धराशायी हो गया है। जब्त किए गए गांजे और मोबाइल फोन की मदद से पुलिस अब और लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है जो इस तस्करी में शामिल हो सकते हैं।

क्राइम ब्रांच ने बताया कि ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ना आसान नहीं होता। लंबी दूरी तक निगरानी, तकनीकी सहयोग और टीमवर्क के कारण ही यह बड़ा खुलासा संभव हुआ।

टीम ने बताया कि आरोपियों के पास से स्कूटी और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जो तस्करी और संपर्क में इस्तेमाल किए जा रहे थे। अब इन उपकरणों की मदद से पुलिस और जांच आगे बढ़ाएगी और पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने की कोशिश करेगी।

Point of View

यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता और सटीकता से काम करने की क्षमता, हमारे समाज को सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ करना आवश्यक है ताकि समाज में नशे की लत को कम किया जा सके।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली पुलिस ने कितने गांजे के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस ने 165.74 किलोग्राम गांजे के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरोह ने गांजे की तस्करी कैसे की?
गिरोह ने ओडिशा से दिल्ली तक कूरियर नेटवर्क के माध्यम से गांजे की तस्करी की।
इस ऑपरेशन में कितनी दूर तक निगरानी रखी गई?
इस ऑपरेशन के लिए लगभग 1,800 किलोमीटर दूर तक निगरानी रखी गई।
कौन से पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई का नेतृत्व किया?
इस कार्रवाई का नेतृत्व एनडीआर के इंस्पेक्टर योगेश माथुर और विनोद यादव ने किया।
पुलिस अब इस मामले में आगे क्या करेगी?
पुलिस अब जब्त किए गए गांजे और मोबाइल फोन की मदद से अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
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