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क्या दिल्ली के मेयर राजा इकबाल ने फैक्ट्री लाइसेंस मॉड्यूल का शुभारंभ किया है, प्रॉपर्टी टैक्स से इंटीग्रेशन?

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क्या दिल्ली के मेयर राजा इकबाल ने फैक्ट्री लाइसेंस मॉड्यूल का शुभारंभ किया है, प्रॉपर्टी टैक्स से इंटीग्रेशन?

सारांश

दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत की है, जिसमें फैक्ट्री लाइसेंस और प्रॉपर्टी टैक्स को एकीकृत किया गया है। यह नई सुविधा लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाएगी। इस पहल का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करना और भ्रष्टाचार को कम करना है।

मुख्य बातें

फैक्ट्री लाइसेंस अब ऑनलाइन उपलब्ध है।
प्रॉपर्टी टैक्स के साथ लाइसेंस फीस का इंटीग्रेशन।
छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने का उद्देश्य।
सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम।
भ्रष्टाचार को कम करने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली, १० सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने फैक्ट्री लाइसेंस और फीस मॉड्यूल का उद्घाटन किया, जो प्रॉपर्टी टैक्स एप्लीकेशन से सीधे इंटीग्रेट किया गया है। इस नई व्यवस्था से दिल्ली में फैक्ट्री संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करना आसान और तेज हो जाएगा। मेयर ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे जनता को राहत मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान मेयर राजा इकबाल सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "पिछली मीटिंग में हमारा एजेंडा पास हो चुका था। चूंकि आज एमसीडी भाजपा के अधीन है, हमारे लिए यह खुशी की बात है कि जनता की तरफ से प्रस्ताव आते हैं। आज जो पोर्टल हम आपको दिखा रहे हैं, उसमें अब आप अपनी प्रॉपर्टी टैक्स के साथ पांच प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ देंगे। इसके लिए आपको अलग से किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।" उन्होंने बताया कि फैक्ट्री लाइसेंस आज से पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे उद्योगपतियों और छोटे व्यवसायियों को कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी।

यह मॉड्यूल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की डिजिटल पहल का हिस्सा है, जो पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने का उद्देश्य रखता है। अब फैक्ट्री मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान के समय ही लाइसेंस फीस का पांच प्रतिशत हिस्सा जमा करना होगा, जिससे अलग से आवेदन की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेयर ने बताया कि यह व्यवस्था छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई है। दिल्ली में फैक्ट्रियों की संख्या बढ़ रही है, और इस नई सुविधा से लाइसेंसिंग प्रक्रिया में देरी कम होगी।

कार्यक्रम में एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और भाजपा नेता उपस्थित रहे। मेयर ने कहा, "भाजपा शासित एमसीडी में जनता की मांगों को प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में डिजिटल पोर्टल्स के माध्यम से कई सेवाएं शुरू की गई हैं, जैसे बर्थ सर्टिफिकेट, डेथ सर्टिफिकेट, ट्रेड लाइसेंस और अब फैक्ट्री लाइसेंस। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।"

उद्योग मंत्री ने भी इसकी सराहना की और कहा कि इससे दिल्ली का औद्योगिक विकास तेज होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहा जा सकता है कि दिल्ली के मेयर द्वारा की गई यह पहल न केवल औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाने की दिशा में भी एक कदम है। जनता की मांगों को प्राथमिकता देने वाली यह व्यवस्था निश्चित रूप से सकारात्मक बदलाव लाएगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फैक्ट्री लाइसेंस मॉड्यूल का क्या महत्व है?
यह मॉड्यूल लाइसेंस प्राप्त करना आसान बनाता है और प्रॉपर्टी टैक्स के साथ इंटीग्रेटेड है।
क्या लाइसेंस के लिए अलग से आवेदन करना होगा?
नहीं, अब आपको लाइसेंस के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह पहल किसके तहत शुरू की गई है?
यह पहल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की डिजिटल पहल का हिस्सा है।
इससे क्या फायदा होगा?
इससे लाइसेंसिंग प्रक्रिया में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार को कम किया जा सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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