तब्बू को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत: आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट हटाने का अंतरिम आदेश जारी होगा
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने की राह खुल गई है। 6 अगस्त 2026 को जस्टिस ज्योति सिंह की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि वह अभिनेत्री के नाम से जुड़े आपत्तिजनक और अश्लील ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के लिए विस्तृत अंतरिम आदेश जारी करेगी। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक हस्तियों की पर्सनैलिटी राइट्स के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
याचिका में क्या है
तब्बू ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा की माँग की है। उनका कहना है कि इंटरनेट और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके नाम, तस्वीर, पहचान और व्यक्तित्व का बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इससे भी आगे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार नकली कंटेंट और डिजिटल इम्पर्सोनेशन के ज़रिए उनकी छवि को कथित तौर पर नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान तब्बू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता स्वाति सुकुमार ने पीठ को बताया कि सोशल मीडिया इंटरमीडियरी को प्रतिवादी के रूप में शामिल करने के लिए पक्षकारों की सूची में आवश्यक संशोधन कर दिए गए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि कुछ उपयोगकर्ता अभिनेत्री के नाम को अश्लील सामग्री के साथ जोड़कर सर्च कर रहे हैं, और संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म ऐसे सर्च से विज्ञापन राजस्व अर्जित कर रहे हैं — जिससे न केवल अभिनेत्री की छवि प्रभावित होती है, बल्कि उनकी पहचान का व्यावसायिक शोषण भी होता है।
इन दलीलों को सुनने के बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा, 'जिन लिंक की पहचान की गई है, उन्हें हटाया जाना चाहिए। ऐसे आपत्तिजनक लिंक को हटाने के संबंध में अंतरिम आदेश पारित किया जाएगा।' अदालत ने स्पष्ट किया कि विस्तृत आदेश बाद में जारी होगा, जिसमें सभी पहलुओं पर टिप्पणी की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को निर्धारित है।
एसओपी की ज़रूरत पर अदालत का रुख
अदालत ने रेखांकित किया कि सार्वजनिक हस्तियों की पर्सनैलिटी राइट्स के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य के मामलों के लिए एक समान प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु एसओपी तैयार करने पर विचार किया जा सकता है। यह कदम न केवल अदालतों बल्कि संबंधित पक्षों — डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित — के लिए भी स्पष्ट दिशानिर्देश तय करेगा।
व्यापक संदर्भ: AI युग में पहचान की सुरक्षा
यह ऐसे समय में आया है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के प्रसार ने डिजिटल इम्पर्सोनेशन को एक गंभीर कानूनी चुनौती बना दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष इससे पहले पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर और सुनील गावस्कर, अभिनेता अर्जुन कपूर, अल्लू अर्जुन, नागार्जुन, वरुण धवन, काजोल, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, गायक जुबिन नौटियाल, फिल्म निर्माता करण जौहर, पॉडकास्टर राज शमानी, कांग्रेस सांसद शशि थरूर, अभिनेता नागा चैतन्य और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर सहित दर्जनों चर्चित हस्तियाँ अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ राहत माँग चुकी हैं। गौरतलब है कि यह मामला भारत में पर्सनैलिटी राइट्स के कानूनी ढाँचे को परिभाषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।