क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो संकट पर सरकार से कार्रवाई का हलफनामा दाखिल करने को कहा?

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क्या दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो संकट पर सरकार से कार्रवाई का हलफनामा दाखिल करने को कहा?

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट में इंडिगो एयरलाइंस के उड़ान संकट पर सुनवाई हुई। भारत सरकार ने आवश्यक कार्रवाई की पुष्टि की। जानें इससे प्रभावित यात्रियों के अधिकारों की क्या स्थिति है।

Key Takeaways

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो संकट की गंभीरता को समझा।
  • सरकार ने ज़रूरी कार्रवाई की जानकारी दी।
  • यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हलफनामा आवश्यक।
  • सुनवाई की अगली तारीख 25 फरवरी।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने और यात्रियों के संकट पर स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। इस मामले में भारत सरकार ने कोर्ट को बताया कि इंडिगो संकट की जांच के लिए गठित जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।

सरकार ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर 22 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना लगाया गया है और कंपनी से 50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी भी ली गई है। इसके अलावा इंडिगो के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ), एक निदेशक, उड़ान संचालन के उप प्रमुख और संसाधन विश्लेषक को सख्त चेतावनी जारी की गई है।

इंडिगो के वकील ने कोर्ट को बताया कि उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों के टिकटों का रिफंड किया जा रहा है। साथ ही फंसे हुए यात्रियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी चल रही है। कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार और इंडिगो से इस संबंध में दो हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा और एयरलाइंस की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी जानकारी जरूरी है।

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब इंडिगो ने अचानक बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। कई यात्रियों ने परेशानी, आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव की शिकायत की थी। याचिकाकर्ताओं ने इस संकट की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की थी ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों स्तर पर एयरलाइंस की जिम्मेदारी और यात्रियों के हितों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी, जब कोर्ट हलफनामे के आधार पर आगे के निर्देश देगा। इस सुनवाई से एयरलाइंस उद्योग में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण फैसले की उम्मीद है।

Point of View

बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को भी रोक सकती है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस के मामले में क्या निर्देश दिए?
दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार और इंडिगो से दो हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इंडिगो एयरलाइंस द्वारा क्या कार्रवाई की गई है?
इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष को बर्खास्त किया गया है और उन पर 22 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
यात्रियों के लिए क्या मुआवजा योजनाएं हैं?
इंडिगो ने रद्द हुई उड़ानों के प्रभावित यात्रियों के लिए टिकट का रिफंड और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की है।
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