दिल्ली जज सुसाइड केस: परिवार ने पत्नी और साली पर उत्पीड़न का आरोप लगाया, अंतिम संस्कार में पत्नी-बच्चे नदारद
सारांश
Key Takeaways
दिल्ली न्यायिक सेवा के अधिकारी अमन कुमार शर्मा (30 वर्ष) की ग्रीन पार्क स्थित आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि अमन पिछले दो महीनों से मानसिक उत्पीड़न का शिकार थे और मृत्यु से ठीक पहले उन्होंने अपने पिता को फोन कर कहा था कि वह अब और जीवित नहीं रह सकते। पुलिस ने मामले की जांच सभी संभावित कोणों से शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार रात करीब 10 बजे अमन ने अपने पिता प्रेम कुमार शर्मा को फोन किया और कहा कि वह अब जीना नहीं चाहते। प्रेम कुमार बिना किसी को सूचित किए तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली पहुँचने पर उन्हें पता चला कि अमन का अपनी पत्नी के साथ तीखा विवाद चल रहा था।
परिजनों के अनुसार, जब प्रेम कुमार दोबारा कमरे में गए और अमन को नहीं पाया, तो उन्होंने फोन किया। बाथरूम के भीतर से फोन की घंटी सुनाई दी। दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों की मदद से शाफ्ट की खिड़की तोड़कर बाथरूम में प्रवेश किया गया, जहाँ अमन फंदे से लटके मिले।
उनके साले शिवम ने दोपहर करीब 1:45 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस दल तत्काल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला बताया है।
परिवार के आरोप
मृतक के मामा राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि अमन ने अपने पिता को बताया था कि पिछले दो महीनों से उनकी पत्नी स्वाति शर्मा और उनकी बहन उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही थीं। राजेश के अनुसार, अमन ने यह भी कहा था कि स्वाति की बहन निधि मलिक उनके घर-परिवार के मामलों में अनावश्यक दखल दे रही थीं और उनके जीवन को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थीं।
राजेश ने यह भी आरोप लगाया कि अमन के पिता के घर में मौजूद रहने के दौरान स्वाति ने उन्हें घर छोड़ने की धमकी दी और कहा कि यदि वह नहीं गए तो पुलिस बुला ली जाएगी। इसके बाद घर में तीखी कहासुनी हुई और अमन के पिता दूसरे कमरे में चले गए। राजेश ने दावा किया,