दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे: पठानकोट-दयालाचक के 40 किमी खंड के दिसंबर में खुलने की उम्मीद, यात्रा समय 70 से घटकर 30 मिनट
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने 22 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का 40 किलोमीटर लंबा पठानकोट-दयालाचक खंड इस वर्ष दिसंबर तक यातायात के लिए खोले जाने की संभावना है। इस खंड के खुलने से लखनपुर टोल प्लाजा पर लगने वाला अतिरिक्त समय समाप्त होगा और यात्रा का समय 50-70 मिनट से घटकर महज 25-30 मिनट रह जाएगा।
मंत्री की एक्स पोस्ट से मिली जानकारी
जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे अपडेट। इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को एक बड़ा विस्तार। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का लगभग 40 किलोमीटर लंबा पठानकोट-दयालाचक खंड दिसंबर तक खुलने की उम्मीद है।' उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की 'यात्रा को आसान' बनाने की नीति का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
एक्सप्रेसवे की पृष्ठभूमि और महत्व
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे एक 667 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड राजमार्ग है, जो राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली को अमृतसर और जम्मू-कश्मीर के कटरा से सीधे जोड़ता है। गौरतलब है कि जुलाई 2026 में इस एक्सप्रेसवे के प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया जा चुका है, जो इस परियोजना के क्रमिक विस्तार का हिस्सा है।
यह कॉरिडोर मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और श्री माता वैष्णो देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुँच को सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।
यात्रा समय में भारी कटौती
परियोजना के पूरी तरह संचालित होने पर दिल्ली से कटरा की यात्रा का समय वर्तमान लगभग 14 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है। इसी तरह दिल्ली से अमृतसर की यात्रा में भी लगने वाला समय लगभग आधा हो जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढाँचे के विकास को केंद्र सरकार की नीति में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
आर्थिक और धार्मिक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से पठानकोट और जम्मू क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बल मिलेगा। तीर्थयात्रियों की आवाजाही में वृद्धि के साथ-साथ माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी नई संभावनाएँ खुलेंगी। यह कॉरिडोर भविष्य में जम्मू-कश्मीर के आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक दीर्घकालिक आधारभूत कदम साबित हो सकता है।
आगे की राह
पठानकोट-दयालाचक खंड के दिसंबर में खुलने के बाद एक्सप्रेसवे के शेष खंडों पर काम जारी रहेगा। पूरा कॉरिडोर चालू होने पर यह उत्तर भारत के सड़क नेटवर्क में एक ऐतिहासिक बदलाव लाएगा और जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक दूरी को तेज़ी से पाटने में मदद करेगा।