पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, बोले- यह इकोनॉमिक कॉरिडोर विकास के नए अवसर लाएगा

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पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, बोले- यह इकोनॉमिक कॉरिडोर विकास के नए अवसर लाएगा

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड के विकास, कनेक्टिविटी, और महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया, जिससे क्षेत्र में नए अवसर और समृद्धि आएगी।

Key Takeaways

  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: विकास के नए द्वार।
  • महिला सशक्तीकरण: नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्व।
  • सामाजिक न्याय: हर गरीब तक सुविधाएं पहुँचाने की सरकार की योजना।
  • उत्तराखंड का दशक: विकास की नई दिशा।
  • कनेक्टिविटी: व्यापार और उद्योग के लिए बेहतर अवसर।

देहरादून, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड के विकास, कनेक्टिविटी, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तीकरण पर अपने विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के बारे में बात करते हुए कहा कि ये केवल सड़कें नहीं हैं, बल्कि ये विकास के नए द्वार खोलने का कार्य करते हैं। ये नए व्यापार, उद्योग, गोदाम और फैक्ट्रियों की नींव रखने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र में विकास की लहर आएगी और लोगों के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि इस समय देश में त्योहारों की खुशियाँ और नववर्ष का उत्साह है। उन्होंने वैसाखी, बोहाग बिहू और पुथंडु की सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।

अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन के बाद उन्होंने कहा था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, और यह अब सच होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और राज्य के नागरिकों की मेहनत से उत्तराखंड तेजी से विकास के रास्ते पर अग्रसर हो रहा है और कनेक्टिविटी में सुधार हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तराखंड ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब यह 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस समय पर इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने अंबेडकर जयंती का जिक्र करते हुए बीआर अंबेडकर को श्रृद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि उनके जीवन का उद्देश्य गरीबों और वंचितों को न्याय दिलाना था। पिछले एक दशक में सरकार की नीतियों ने संविधान की गरिमा को पुनः स्थापित किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद, अब देश में संविधान पूरी तरह लागू है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में माओवाद और नक्सलवाद समाप्त हो गया है और वहां संविधान की भावना के अनुरूप कार्य हो रहा है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने इस दिशा में कदम बढ़ाकर पूरे देश को मार्गदर्शन किया है।

सामाजिक न्याय और संतुलित विकास के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार हर गरीब और वंचित तक सुविधाएं पहुँचाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब अंबेडकर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण के समर्थक थे और आज सरकार उसी दिशा में अग्रसर है।

महिला सशक्तीकरण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चार दशकों के इंतजार के बाद संसद ने यह कानून पारित किया है, जिससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के समर्थन का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि इस कानून को लागू करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। 2029 में लोकसभा चुनाव होने हैं और इससे पहले यह आरक्षण लागू होना चाहिए। यह देश की भावना और नारी शक्ति की इच्छा है।

इसी विषय पर 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मिलकर महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को आगे बढ़ाएं।

पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने देश की सभी महिलाओं को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की माताएं और बहनें इस पत्र को पढ़ेंगी और इस अभियान में भाग लेंगी।

उन्होंने उत्तराखंड के सभी दलों से अपील की कि वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन का समर्थन करें और 2029 तक देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने में सहयोग करें।

Point of View

कनेक्टिविटी और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित था, जो कि उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से नए व्यापारिक अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का क्या महत्व है?
यह इकोनॉमिक कॉरिडोर नए व्यापार और उद्योग के लिए दरवाजे खोलेगा और क्षेत्र के विकास को तेज करेगा।
पीएम मोदी ने इस उद्घाटन के दौरान क्या कहा?
उन्होंने उत्तराखंड के विकास, कनेक्टिविटी, और सामाजिक न्याय पर जोर दिया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह कानून लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है।
उत्तराखंड में विकास के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
डबल इंजन सरकार की नीतियों से राज्य विकास की राह पर तेजी से बढ़ रहा है।
बाबा अंबेडकर का इस उद्घाटन में क्या संदर्भ है?
प्रधानमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए सामाजिक न्याय और संविधान की गरिमा पर बात की।
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