दिल्ली भाजपा के नेता ने प्रवासी श्रमिकों के लिए एलपीजी संकट के झूठे दावे की निंदा की

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दिल्ली भाजपा के नेता ने प्रवासी श्रमिकों के लिए एलपीजी संकट के झूठे दावे की निंदा की

सारांश

दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह और संतोष ओझा ने आप विधायक संजीव झा के एलपीजी संकट के बयान को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों का पलायन नगण्य है और केंद्र-राज्य सरकारें सक्रिय रूप से मदद कर रही हैं।

Key Takeaways

  • दिल्ली में गैस की कमी का कोई गंभीर संकट नहीं है।
  • प्रवासी श्रमिकों का पलायन नगण्य है।
  • आप विधायक के भ्रामक बयान की निंदा की गई।
  • भाजपा प्रवासी श्रमिकों के समर्थन में है।
  • उज्ज्वला योजना आर्थिक मदद प्रदान कर रही है।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह और पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष संतोष ओझा ने रविवार को एक संयुक्त बयान में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा द्वारा एलपीजी आपूर्ति के संबंध में दिए गए भ्रामक बयान की कड़ी निंदा की।

भाजपा के नेताओं ने झा के इस दावे को खारिज किया कि एलपीजी संकट के कारण दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचल और अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिकों को आजीविका संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे पलायन करने के लिए मजबूर हो सकते हैं और उनके मतदान अधिकार छिन सकते हैं।

ओझा और सिंह ने कहा कि आप नेता ने राजनीतिक लाभ के लिए मनगढ़ंत और भ्रामक बयान दिए हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गैस की कमी के कारण प्रवासी श्रमिकों का पलायन नगण्य है।

दिल्ली भाजपा ने यह भी बताया कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचली और अन्य प्रवासी समुदाय यह नहीं भूल सकते कि कोविड लॉकडाउन के दौरान, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने प्रवासियों को उनके गांवों में लौटने के लिए मजबूर किया था, क्योंकि आजीविका और भोजन की व्यवस्था नहीं थी।

दिनेश प्रताप सिंह और संतोष ओझा ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ-साथ भाजपा का उज्ज्वला योजना विभाग मंडल स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बुकिंग के माध्यम से गैस सिलेंडर प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचल और अन्य राज्यों के प्रवासी भाजपा परिवार का हिस्सा हैं और पार्टी हर वैध मतदाता के साथ खड़ी है।

उन्होंने आगे कहा कि गैस की मामूली कमी तो मौजूद है, लेकिन कोई गंभीर संकट नहीं है। बुकिंग करने पर नियमित आपूर्ति उपलब्ध है। यहां तक कि व्यावसायिक कनेक्शन धारकों को भी अब लगभग 75 प्रतिशत नियमित आपूर्ति मिल रही है, और केंद्र सरकार ने अस्थायी रूप से कोयले पर खाना पकाने की अनुमति दी है।

दिनेश प्रताप सिंह और संतोष ओझा ने कहा कि दिल्ली में गैस की सीमित कमी मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित कर रही है जिनके पास वैध गैस कनेक्शन नहीं हैं और जो पहले से ही छोटे सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग पर निर्भर थे।

Point of View

वह सही है, क्योंकि उनके अनुसार, कोई गंभीर संकट नहीं है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या दिल्ली में एलपीजी की कमी है?
दिल्ली में गैस की मामूली कमी है, लेकिन कोई गंभीर संकट नहीं है।
क्या प्रवासी श्रमिकों का पलायन हो रहा है?
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रवासी श्रमिकों का पलायन नगण्य है।
क्या केंद्र और दिल्ली सरकार प्रवासी श्रमिकों की मदद कर रही है?
जी हां, केंद्र और दिल्ली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गैस सिलेंडर प्राप्त करने में मदद कर रही हैं।
आम आदमी पार्टी के विधायक का क्या कहना है?
आप विधायक संजीव झा ने एलपीजी संकट के कारण प्रवासी श्रमिकों की आजीविका पर खतरे का दावा किया था।
क्या भाजपा प्रवासी श्रमिकों का समर्थन कर रही है?
भाजपा के नेता ने कहा है कि दिल्ली में रहने वाले प्रवासी भाजपा परिवार का हिस्सा हैं।
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