क्या दिल्ली में मालिक से 3.25 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाला युवक शिमला से गिरफ्तार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- नेट बैंकिंग का दुरुपयोग एक गंभीर अपराध है।
- आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
- पुलिस की तत्परता से आरोपी को जल्दी गिरफ्तार किया गया।
- ग्राहक को अपने बैंक खाते की जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए।
- जुए की लत व्यक्ति को आर्थिक संकट में डाल सकती है।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में थाना द्वारका साउथ पुलिस ने एक युवक को शिमला से गिरफ्तार किया है, जिसने अपने मालिक के साथ 3.25 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। आरोपी ने नेट बैंकिंग का दुरुपयोग कर यह राशि मालिक के बैंक खाते से निकाल ली थी।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 15 नवंबर 2025 को दर्ज किया गया था, जब चोरी की सूचना थाने में प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके नौकर मुन्ना कुमार ने धोखे से उसके खाते से एक बड़ी राशि निकाल ली है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ द्वारका साउथ इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह के नेतृत्व में और एसीपी किशोर कुमार रेवाला की देखरेख में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम में एचसी प्रवीण यादव, एचसी धीरज, एचसी कुलदीप और एचसी भूषण प्रसाद शामिल थे।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसने पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की, तो बैलेंस कम होने के कारण ट्रांजैक्शन असफल रहा। बाद में जब वह बैंक गया, तो पता चला कि 3,25,990 रुपए उसके नौकर के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। जब उसने मुन्ना से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल बंद था और वह काम छोड़कर भाग चुका था।
पुलिस को 4 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी शिमला में छिपा हुआ है। तकनीकी सर्विलांस और सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी मुन्ना कुमार (21) निवासी पूर्वी चंपारण (बिहार) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार करते हुए बताया कि उसे शिकायतकर्ता के खाते की जानकारी पहले से थी। बैंक जाते समय उसने नेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और मोबाइल लॉक पासवर्ड देख लिया था। फिर उसने शिकायतकर्ता का मोबाइल लेकर खुद को बेनिफिशियरी जोड़ा और रकम ट्रांसफर कर दी। आरोपी ने बैंक से आए मैसेज भी डिलीट कर दिए। उसने बताया कि पूरी राशि उसने जुए में गंवा दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बेरोजगार और अविवाहित है तथा उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले में आगे की जांच जारी है।