क्या दिल्ली के 12 वार्डों में होंगे उपचुनाव? नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे

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क्या दिल्ली के 12 वार्डों में होंगे उपचुनाव? नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे

सारांश

दिल्ली में 30 नवंबर को होने वाले उपचुनावों में 12 वार्डों के लिए नए पार्षद चुने जाएंगे। यह चुनाव भाजपा की सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। क्या भाजपा फिर से जीत हासिल कर सकेगी? जानें सभी जरूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • 12 वार्डों में उपचुनाव हो रहे हैं।
  • 30 नवंबर को मतदान और 3 दिसंबर को नतीजे।
  • 53 उम्मीदवार मैदान में हैं।
  • भाजपा ने 12-0 से जीत का लक्ष्य रखा है।
  • कांग्रेस और आप भी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 12 वार्डों में नए पार्षद चुनने के लिए रविवार को उपचुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। इस त्रिकोणीय मुकाबले को राजधानी में भाजपा के नेतृत्व वाली रेखा गुप्ता सरकार के कार्यों के लिए एक प्रकार का जनमत संग्रह माना जा रहा है।

उपचुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) ने उपचुनावों के लिए प्रचार किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाजपा का नेतृत्व किया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने अपनी पार्टी के प्रचार अभियान का संचालन किया।

दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता शहर भर में घूमे और इस करीबी मुकाबले में समर्थन जुटाने के लिए अपील की।

इस चुनाव में 12 सीटों के लिए 53 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिन 12 खाली वार्ड में उपचुनाव होने हैं, उनमें से नौ पर भाजपा का कब्जा है।

पिछले नगर निगम चुनाव दिसंबर 2022 में 250 सीटों पर हुए थे। पार्टी की स्थिति में कई बदलावों के बाद, वर्तमान एमसीडी सदन में भाजपा के 115 पार्षद हैं।

भाजपा रविवार को होने वाले उपचुनावों में 12-0 से जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है ताकि 250 सदस्यों वाले नगर निगम सदन में 125 के पूर्ण बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सके।

भाजपा के अच्छे प्रदर्शन से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कद बढ़ने की उम्मीद है और उनकी ई-बस, स्वास्थ्य और बीमा कल्याण योजनाओं और छठ भक्तों के लिए व्यवस्थाओं के लिए एक सकारात्मक सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड पेश करने की संभावना है।

यह मुकाबला आप के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके पास अभी 99 पार्षद हैं और वह इस साल फरवरी में विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता सौंपने के बाद शहर की राजनीति में खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है।

कांग्रेस भी उपचुनावों में कुछ वार्ड जीतने की पूरी कोशिश कर रही है क्योंकि वह शहर की राजनीति में अपनी जगह बनाए रखना चाहती है, जिस पर अभी भाजपा और आप का दबदबा है।

पिछले 12 महीनों में इन सीटों से पार्षदों के संसद और दिल्ली विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद उपचुनाव जरूरी हो गए थे।

सीएम रेखा गुप्ता समेत 11 पार्षद विधानसभा सदस्य (एमएलए) चुने गए थे। द्वारका-बी वार्ड पिछले साल से खाली है, जब भाजपा की कमलजीत सहरावत वेस्ट दिल्ली से सांसद चुनी गई थीं।

खाली वार्डों में मुंडका, शालीमार बाग-बी, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका-बी, डिचाओं कलां, नारायणा, संगम विहार-ए, दक्षिण पुरी (एससी), ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर शामिल हैं।

ये वार्ड मुंडका, वजीरपुर, मटियाला, नजफगढ़, राजेंद्र नगर, देवली और पटपड़गंज जैसे मुख्य विधानसभा क्षेत्रों में आते हैं।

Point of View

बल्कि यह भाजपा, आप और कांग्रेस के लिए भविष्य की दिशा तय करेगा। यह चुनाव राजनीतिक परिदृश्य में संतुलन बनाने का एक अवसर है, और सभी पार्टियां इसे अपने लाभ के लिए भुनाने की कोशिश कर रही हैं।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

उपचुनाव कब होंगे?
उपचुनाव 30 नवंबर को होंगे।
नतीजे कब आएंगे?
नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।
कितने उम्मीदवार हैं?
इस चुनाव में 53 उम्मीदवार हैं।
भाजपा का लक्ष्य क्या है?
भाजपा का लक्ष्य 12-0 से जीत हासिल करना है।
कांग्रेस की स्थिति क्या है?
कांग्रेस उपचुनावों में कुछ वार्ड जीतने की कोशिश कर रही है।
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