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क्या दिल्ली में नए साल से पहले पुलिस अलर्ट मोड में है?

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क्या दिल्ली में नए साल से पहले पुलिस अलर्ट मोड में है?

सारांश

शाहदरा जिले के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है। यह अभ्यास त्योहारों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। जानें इस मॉक ड्रिल के दौरान क्या हुआ और पुलिस ने किस प्रकार से आपात स्थिति का सामना किया।

मुख्य बातें

मॉक ड्रिल से सुरक्षा इंतजामों की पुष्टि हुई।
पुलिस और अन्य एजेंसियां आपात परिस्थितियों के लिए तत्पर हैं।
संदिग्ध बैग की जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

नई दिल्ली, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नए साल के आगमन से पहले सुरक्षा इंतजामों की परीक्षा और आपात परिस्थितियों का सामना करने के लिए शाहदरा जिले के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में स्थित लाल क्वार्टर में मंगलवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी संदिग्ध स्थिति से निपटने में पुलिस और अन्य एजेंसियों की तत्परता का आकलन करना था।

इस मॉक ड्रिल के अनुसार, दोपहर 12:18 बजे फायर विभाग को सूचना दी गई, और 12:21 बजे कृष्णा नगर थाने को यह जानकारी मिली कि लाल क्वार्टर में एक दुकान के पास एक लावारिस बैग काफी देर से पड़ा हुआ है।

सूचना में कहा गया कि बैग से तार बाहर निकल रहे हैं, जिससे उसमें बम होने की आशंका जताई गई।

सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया और संबंधित एजेंसियों को सतर्क किया। कुछ ही मिनटों में, कृष्णा नगर थाने की टीम, गांधी नगर डिवीजन के एसीपी, फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके को घेराबंदी कर आम जनता को सुरक्षित दूरी पर रखा गया।

सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ जांच प्रक्रिया शुरू की। बम स्क्वायड ने संदिग्ध बैग की गहन जांच की, जबकि डॉग स्क्वायड ने आस-पास के क्षेत्र की छानबीन की। लगभग आधे घंटे तक चली इस मॉक ड्रिल के बाद स्पष्ट हुआ कि बैग में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं थी। जांच में केवल कपड़े, कुछ तार और पानी की बोतल मिली।

फायर अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया, "जब हम मौके पर पहुंचे तो दिल्ली पुलिस की टीम पहले से मौजूद थी। यहाँ मॉक ड्रिल चल रही थी। किसी प्रकार की चिंता की बात नहीं है। आगामी त्योहारों को देखते हुए यह अभ्यास किया गया ताकि सभी एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क और तैयार रहें।"

अधिकारियों के अनुसार, यह मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही और इसने यह संदेश दिया कि त्योहारों के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन त्योहारों के समय सुरक्षा को गंभीरता से लेता है। हालांकि, यह भी आवश्यक है कि जनता को इस प्रक्रिया से अवगत कराया जाए ताकि वे भी सतर्क रहें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान पुलिस और अन्य एजेंसियों की तत्परता का आकलन करना था।
कितने समय तक यह मॉक ड्रिल चली?
यह मॉक ड्रिल लगभग आधे घंटे तक चली।
क्या मॉक ड्रिल में कोई विस्फोटक मिला?
नहीं, मॉक ड्रिल के दौरान बैग में केवल कपड़े, कुछ तार और पानी की बोतल मिली।
राष्ट्र प्रेस
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