दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की चेतावनी: एनसीआर में स्वाइन फ्लू के 2,000 से अधिक मामले, एडवाइजरी जारी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) ने 26 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के तेज़ी से बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एक विस्तृत सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 2,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। डीएमए ने स्पष्ट किया है कि वह इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए है और संक्रमण से होने वाली बीमारियों तथा मृत्यु दर की सतत निगरानी कर रही है।
मौसमी बढ़ोतरी और निगरानी का दायरा
डीएमए के अनुसार, इन्फ्लूएंजा के मामलों में यह बढ़ोतरी मौसमी प्रवृत्ति के अनुरूप है, लेकिन इस बार संख्या चिंताजनक स्तर पर पहुँच गई है। एसोसिएशन इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (SARI) दोनों श्रेणियों के मामलों की स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग और निगरानी कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के बाद का मौसम श्वसन संक्रमण के प्रसार के लिए अनुकूल होता है।
बचाव के लिए डीएमए की सलाह
डीएमए ने आम जनता के लिए बचाव के विस्तृत उपाय सुझाए हैं। खाँसते या छींकते समय मुँह और नाक को रूमाल या टिश्यू से ढकना, साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोना या अल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करना अनिवार्य बताया गया है। बिना धुले हाथों से आँख, नाक और मुँह को छूने से सख्त परहेज़ की सलाह दी गई है।
एच1एन1 से पीड़ित व्यक्तियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, भीड़भाड़ वाली जगहों — बाज़ारों और सार्वजनिक परिवहन — में फेस मास्क पहनने और फ्लू के लक्षण होने पर एन95 मास्क अपनाने का निर्देश दिया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचने और इस्तेमाल किए टिश्यू को सुरक्षित तरीके से फेंकने की भी अपील की गई है।
डीएमए ने स्पष्ट किया कि किसी योग्य चिकित्सक की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाएं बिल्कुल न लें। फ्लू जैसे लक्षण होने पर रिश्तेदारों और मित्रों से मिलने से बचें तथा पर्याप्त आराम, तरल पदार्थों का सेवन और पौष्टिक आहार अपनाएं।
यात्रियों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष निर्देश
इन्फ्लूएंजा प्रभावित क्षेत्रों से लौटने वाले लोगों को कम से कम 10 दिनों तक अपनी सेहत पर नज़र रखने और फ्लू जैसे लक्षण दिखते ही नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर रिपोर्ट करने को कहा गया है। हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को क्लीनिक, अस्पतालों और ओपीडी में मास्क अनिवार्य रूप से पहनने का निर्देश दिया गया है ताकि वे स्वयं और मरीज़ दोनों को सुरक्षित रख सकें।
सरकार की तैयारी और प्रशासनिक कदम
डीएमए के अनुसार, दिल्ली सरकार ने इन्फ्लूएंजा के मौसमी प्रकोप से निपटने के लिए अस्पतालों को तैयार किया है — पर्याप्त बेड, चिकित्सक, दवाइयाँ और ज़रूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर, डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर और अस्पतालों को ILI व SARI मामलों की स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग और निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं।
मरीज़ों के वर्गीकरण, उपचार प्रोटोकॉल, वेंटिलेटर प्रबंधन और घरेलू देखभाल उपायों से जुड़ी तकनीकी गाइडलाइंस पहले ही जारी की जा चुकी हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को लक्षणों की पहचान, उपचार और फॉलो-अप प्रोटोकॉल के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
डीएमए की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें
डीएमए ने जनता से अनुरोध किया है कि वे अनावश्यक भय से बचें, लेकिन सावधानी और ज़िम्मेदारी ज़रूर बरतें। एसोसिएशन ने कहा कि बचाव के सरल उपाय, समय पर चिकित्सीय परामर्श और उचित श्वसन स्वच्छता एच1एन1 के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोक सकती है। डीएमए ने यह भी स्पष्ट किया कि वह एच1एन1 से निपटने के हर प्रयास में दिल्ली सरकार के साथ पूरी तरह खड़ी है। आने वाले हफ्तों में स्थिति की निगरानी और जनजागरूकता अभियान जारी रहेंगे।