दिल्ली सरकार ने ‘मिशन अनमोल' के तहत नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग दायरा 2.5 लाख किया

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दिल्ली सरकार ने ‘मिशन अनमोल' के तहत नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग दायरा 2.5 लाख किया

सारांश

दिल्ली सरकार ने ‘मिशन अनमोल' पहल के तहत नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य देखभाल को सशक्त बनाने के लिए 1.5 लाख से 2.5 लाख की सालाना स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा है। यह कदम बच्चों में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करेगा।

Key Takeaways

  • दिल्ली सरकार ने नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग बढ़ाने का निर्णय लिया है।
  • इस पहल का नाम ‘मिशन अनमोल' है।
  • हर साल 2.5 लाख नवजातों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
  • जन्मजात बीमारियों की पहचान और उपचार को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • 148 नए पदों का सृजन किया गया है।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य देखभाल और स्क्रीनिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। दिल्ली सरकार ने ‘मिशन अनमोल' को लागू करने की अनुमति दे दी है, जो नवजात शिशुओं के लिए एक व्यापक और महत्वपूर्ण स्क्रीनिंग कार्यक्रम है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में जन्म लेने वाले हर बच्चे में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान हो सके और उनका उचित उपचार किया जा सके।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ‘मिशन अनमोल' के तहत अब हर साल 1.5 लाख की बजाय लगभग 2.5 लाख नवजात शिशुओं की पूरी स्क्रीनिंग की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग हर नवजात की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जा सके। इस विस्तार से मेटाबॉलिक, एंडोक्राइन, फंक्शनल, और जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित होगा, जिससे नवजातों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा।

‘मिशन अनमोल' एक एकीकृत और टेक्नोलॉजी-आधारित कार्यक्रम है, जिसे राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, जन्मजात हृदय रोग, सुनने की समस्या, और समय से पहले जन्मे बच्चों में आंखों की बीमारी (रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी) जैसी स्थितियों की स्क्रीनिंग की जाएगी, ताकि प्रभावित बच्चों का समय पर उपचार किया जा सके।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानव संसाधनों को मजबूत करना है। इसके लिए कुल 148 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें मौजूदा 73 प्रयोगशाला और फील्ड कर्मचारियों के पद शामिल हैं। इसके अलावा, 60 स्टाफ नर्स और 15 ऑप्टोमेट्रिस्ट की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है। स्टाफ नर्सें नवजात शिशुओं के सैंपल लेने और उनकी देखभाल को सुनिश्चित करेंगी। वहीं, ऑप्टोमेट्रिस्ट पूरे राज्य में नवजातों की आंखों की स्क्रीनिंग में सहयोग करेंगे।

हमारा यह कार्यक्रम अस्पतालों और प्रयोगशालाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा, ताकि हर नवजात की अस्पताल से छुट्टी के समय पूरी स्क्रीनिंग सुनिश्चित हो सके। खासकर उन अस्पतालों पर ध्यान दिया जाएगा जहां प्रसव की संख्या अधिक होती है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 'मिशन अनमोल' हर नवजात बच्चे के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देता हूं। इस पहल से दिल्ली में नवजात शिशु देखभाल प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार होगा और यह सुनिश्चित होगा कि कोई बच्चा पीछे न छूटे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वीकृत ‘मिशन अनमोल' पहल हमारी सरकार के संकल्प को दर्शाती है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाना और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। यह एकीकृत मॉडल दिल्ली को नवजात शिशुओं की व्यापक जांच और प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

Point of View

जो स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। यह कार्यक्रम न केवल नवजातों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करेगा, बल्कि पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करेगा।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

मिशन अनमोल क्या है?
मिशन अनमोल एक नवजात शिशु स्क्रीनिंग कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य जन्मजात बीमारियों की पहचान करना और उनका उपचार सुनिश्चित करना है।
इस कार्यक्रम के तहत कितने नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग की जाएगी?
इस कार्यक्रम के तहत हर साल लगभग 2.5 लाख नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग की जाएगी।
इस पहल का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इस पहल का मुख्य लक्ष्य नवजातों में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका उचित उपचार करना है।
कौन से बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी?
इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, जन्मजात हृदय रोग, सुनने की समस्या, और रेटिनोपैथी जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
इस पहल में मानव संसाधनों की क्या भूमिका है?
इस पहल के लिए 148 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें स्टाफ नर्स और ऑप्टोमेट्रिस्ट शामिल हैं, जो नवजातों की देखभाल और स्क्रीनिंग में सहायक होंगे।
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