दिल्ली-एनसीआर में ठंड की दस्तक: गाजियाबाद लोनी का AQI 309, बवाना सबसे प्रदूषित
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 20 अक्टूबर 2026 से मौसम तेज़ी से करवट ले रहा है — न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़कने के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास होने लगा है, और वायु प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद के लोनी इलाके का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 309 तक पहुँच गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है और रेड ज़ोन को पार कर चुका है।
मौसम का ताज़ा पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 21 और 22 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री तक रह सकता है।
23 अक्टूबर से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होकर यह 34 डिग्री तक जा सकता है, लेकिन 25 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान 18-19 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालाँकि 24 और 25 अक्टूबर को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।
एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद के लोनी में AQI 309 दर्ज किया गया है। इसी जिले के अन्य क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हैं — वेब सिटी का AQI 217, संजय नगर का 204, वसुंधरा का 203 और इंदिरापुरम का 195 रहा।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में AQI 235 और नॉलेज पार्क-5 में 201 दर्ज किया गया है, जो 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी के बीच है।
दिल्ली के सबसे प्रभावित इलाके
राजधानी में बवाना सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्र रहा, जहाँ AQI 237 दर्ज हुआ। चांदनी चौक में AQI 211, आया नगर में 161, बुराड़ी क्रॉसिंग में 152 और बुराड़ी में 126 रहा। कैंटोनमेंट क्षेत्र और आनंद विहार में भी AQI 126 और 120 क्रमशः दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अक्टूबर के मध्य में ही एनसीआर के कई इलाकों में AQI 'खराब' (201-300) और 'बहुत खराब' (301-400) श्रेणी में पहुँच जाता है — यह सिलसिला हर सर्दी की शुरुआत का परिचित संकेत बन चुका है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा व श्वसन संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो मास्क का उपयोग ज़रूरी बताया गया है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेताया है कि सुबह के समय हल्की ठंड और प्रदूषण के मेल से स्मॉग की स्थिति बन सकती है, जिससे दृश्यता कम होने और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
आगे की स्थिति
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट संभव है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे सर्दी गहराएगी, पराली जलाने और वाहनों के धुएँ से प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से अगले कुछ हफ्तों में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू किए जाने की संभावना है।