दिल्ली-एनसीआर में 6-7 अक्टूबर को बारिश का पूर्वानुमान, गाजियाबाद में AQI 322 पर खतरनाक स्तर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, नई दिल्ली और समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 6 अक्टूबर (मंगलवार) और 7 अक्टूबर (बुधवार) को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। तेज़ हवाओं के कारण क्षेत्र के प्रदूषण स्तर में मामूली गिरावट ज़रूर दर्ज की गई है, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आँकड़ों के मुताबिक कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है।
मौसम का पाँच दिनों का पूर्वानुमान
6 अक्टूबर को दिल्ली में गरज के साथ बारिश के आसार हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि नमी का स्तर 45 से 55 प्रतिशत के बीच रह सकता है।
7 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और तापमान 34 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। 8 अक्टूबर को भी यही स्थिति बनी रहेगी। 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट के साथ यह 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। 10 और 11 अक्टूबर को तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI की स्थिति
CPCB के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अभी भी चिंताजनक है। मुंडका में AQI 280, नरेला में 255, ओखला फेज़-2 में 223 और नॉर्थ कैंपस में 205 दर्ज किया गया है — ये सभी 'खराब' श्रेणी में आते हैं।
तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति मंदिर मार्ग (AQI 160), नजफगढ़ (166), नेहरू नगर (145), एनएसयूटी जफरपुर (154) और पटपड़गंज (149) में है, जहाँ AQI 'मध्यम' श्रेणी में है।
नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर
नोएडा के सेक्टर-116 में AQI 267 ('खराब' श्रेणी) दर्ज किया गया है। सेक्टर-62 में यह 185, सेक्टर-125 में 136 और सेक्टर-1 में 137 रहा।
सबसे गंभीर स्थिति गाजियाबाद की है। संजय नगर में AQI 322 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। वेव सिटी में AQI 305 और वसुंधरा में 243 रहा। गोविंदपुरम (148) और इंदिरापुरम (151) में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश से प्रदूषण स्तर में और कमी आ सकती है। गौरतलब है कि अक्टूबर-नवंबर के बीच पराली जलाने के मौसम की शुरुआत के साथ दिल्ली-NCR में AQI तेज़ी से बिगड़ता है।
हालाँकि, विशेषज्ञों ने यह भी आगाह किया है कि यदि बारिश के बाद हवा की गति धीमी पड़ गई, तो प्रदूषक तत्व वायुमंडल की निचली परतों में जमा हो सकते हैं और स्थिति फिर से खराब हो सकती है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और मास्क का उपयोग करें।
आम जनता पर असर
यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब दिल्ली-NCR में सर्दियों के आगमन से पहले का यह दौर पर्यावरणीय दृष्टि से सबसे संवेदनशील माना जाता है। बुज़ुर्गों, बच्चों और साँस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत है। बारिश के बाद प्रदूषण कितना सुधरेगा, यह काफ़ी हद तक हवा की दिशा और गति पर निर्भर करेगा।