एनसीआर में लगातार बारिश से AQI 'ग्रीन जोन' में, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम से परेशानी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 8-10 जुलाई के बीच हुई लगातार बारिश ने मौसम का रुख पूरी तरह पलट दिया है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'अच्छी' श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि भीषण गर्मी से भी राहत मिली। हालांकि, इसी बारिश ने सड़कों पर जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या खड़ी कर दी है।
मौसम का ताज़ा हाल और येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सुबह से दोपहर तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। 10 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
यह ऐसे समय में आया है जब जून के अंतिम सप्ताह में एनसीआर का तापमान 40 डिग्री के पार था और AQI 'खराब' श्रेणी में बना हुआ था। मानसून की सक्रियता ने इस स्थिति को महज दो दिनों में बदल दिया।
स्कूल बंद, 7 जिलों में एहतियाती कदम
बारिश की तीव्रता को देखते हुए गाजियाबाद समेत उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल एहतियात के तौर पर बंद रखे गए। प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया।
AQI ग्रीन जोन में — स्टेशनवार आँकड़े
लगातार वर्षा ने वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण धो दिए, जिससे पूरे एनसीआर का AQI 'अच्छी' श्रेणी में पहुँच गया। दिल्ली के प्रमुख केंद्रों पर दर्ज आँकड़े इस प्रकार रहे:
अलीपुर: 29, आया नगर: 35, अशोक विहार: 48, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज: 25, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: 33, कैंटोनमेंट: 53, चांदनी चौक: 64, आनंद विहार: 70, सीआरआरआई मथुरा रोड: 81, बवाना: 84। सभी स्टेशन 'अच्छी' श्रेणी में रहे।
नोएडा में सेक्टर-62 का AQI 32, सेक्टर-116 का 48 और सेक्टर-125 का 58 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के गोविंदपुरम और संजय नगर में AQI 30, वसुंधरा में 52 और इंदिरापुरम में 66 रिकॉर्ड किया गया।
जलभराव और ट्रैफिक जाम — प्रशासन की परीक्षा
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। कई अंडरपास और निचले इलाकों में पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम गई। प्रशासन पंपों की मदद से जल निकासी में जुटा हुआ है, लेकिन यह स्थिति नगर निकायों की बुनियादी ढाँचागत तैयारियों पर सवाल खड़े करती है।
गौरतलब है कि हर मानसून में एनसीआर के इन्हीं इलाकों में जलभराव की समस्या दोहराई जाती है, और दीर्घकालिक समाधान अभी भी अधूरा है।
आगामी सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान
IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 11 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहेगा तथा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। 12 जुलाई को 37/26 डिग्री के साथ सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। 13 और 14 जुलाई को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। 15 जुलाई को तापमान 35/26 डिग्री के आसपास रहने के साथ सामान्यतः बादल छाए रहने की संभावना है। इन दिनों के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मानसून की यह सक्रियता एनसीआर के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आई है — आने वाले दिनों में जल निकासी व्यवस्था की दक्षता ही यह तय करेगी कि बारिश वरदान बनती है या आफत।