क्या दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड और जहरीली हवा का संकट बढ़ रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड और वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर है।
- एक्यूआई खतरनाक स्तर पर है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- डॉक्टरों की सलाह है कि मास्क का उपयोग करें और घर से बाहर न निकलें।
- प्रशासन को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करना चाहिए।
नोएडा, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली और उसके आस-पास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इन दिनों कड़क ठंड और गंभीर वायु प्रदूषण का सामना कर रहे लोगों की स्थिति काफी गंभीर है। मौसम विभाग ने शीत लहर के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) भी खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।
हालात ऐसे हैं कि सांस लेना कठिन हो रहा है और आम जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। मौसम विभाग ने १३ और १४ जनवरी को दिल्ली-एनसीआर में शीत लहर के प्रभाव को पूरे दिन जारी रहने की चेतावनी दी है। इन दिनों अधिकतम तापमान लगभग २० डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान ४ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। नमी का स्तर भी अत्यधिक है, जो सुबह के समय ९७ से ९८ प्रतिशत तक पहुंच रहा है। ठंडी हवाओं और अधिक नमी के कारण ठिठुरन बढ़ गई है।
१५ जनवरी को तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिसमें न्यूनतम तापमान ६ डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। हालांकि, सुबह और रात के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इस बीच, वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई क्षेत्रों में एक्यूआई ४०० के पार पहुंच चुका है, जो कि गंभीर श्रेणी में आता है।
आनंद विहार में एक्यूआई ४११, चांदनी चौक में ३८०, बवाना में ३७८, रोहिणी में ३९७, वजीरपुर में ३७५ और अशोक विहार में ३६६ दर्ज किया गया। अलिपुर में एक्यूआई ३२२, आर.के. पुरम में ३६५, विवेक विहार में ३६६, सोनिया विहार में ३३४ और शादिपुर में ३०९ रहा। श्री अरबिंदो मार्ग पर एक्यूआई २७४ दर्ज किया गया, जो अभी भी खराब श्रेणी में है।
एनसीआर के अन्य शहरों की बात करें तो नोएडा के सेक्टर-१ में एक्यूआई ३५७, सेक्टर-११६ में ३३९, सेक्टर-१२५ में ३४० और सेक्टर-६२ में ३०७ दर्ज किया गया। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक्यूआई ३२४ और संजय नगर में ३०९ रिकॉर्ड किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इस स्तर की प्रदूषित हवा में रहने से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए। कड़क ठंड, घना कोहरा और जहरीली हवा का यह संयोजन लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
डॉक्टरों की सलाह है कि यदि अत्यधिक आवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें, मास्क का उपयोग करें और ठंड से बचाव के सभी उपाय करें। प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करने की अपील की है।