27 जुलाई 2026
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क्या दही-चूड़ा भोज के बहाने परिवार से मिले तेज प्रताप, माता-पिता और भाई को दिया निमंत्रण?

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क्या दही-चूड़ा भोज के बहाने परिवार से मिले तेज प्रताप, माता-पिता और भाई को दिया निमंत्रण?

सारांश

तेज प्रताप यादव ने अपने परिवार से मिलने के साथ मकर संक्रांति पर चूड़ा दही भोज का आयोजन किया है। इस भोज में बिहार के कई नेता शामिल होंगे, जो राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

मुख्य बातें

तेज प्रताप यादव का चूड़ा दही भोज 14 जनवरी को होगा।
यह भोज बिहार के राजनीतिक हलचलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
तेज प्रताप ने अपने परिवार से आशीर्वाद लिया है।
इस भोज में कई महत्वपूर्ण नेता शामिल हो सकते हैं।

पटना, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले चूड़ा दही भोज को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी की निगाहें जनशक्ति जनता दल और राजद अध्यक्ष लालू यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव द्वारा 14 जनवरी को होने वाले चूड़ा दही भोज पर टिकी हुई हैं।

बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के निवास पर जाकर अपने पिता लालू यादव और माता राबड़ी देवी का आशीर्वाद लिया। साथ ही, उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव को चूड़ा दही भोज में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया। इस मुलाकात की तस्वीरें तेज प्रताप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की।

उन्होंने लिखा, "मंगलवार को अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर जाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने छोटे भाई तेजस्वी से भी भेंट कर 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर होने वाले 'ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज' कार्यक्रम के लिए निमंत्रण पत्र दिया।"

उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान उन्हें अपनी प्यारी भतीजी कात्यायनी को गोद में उठाने का अद्भुत अनुभव भी हुआ। कात्यायनी पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की पुत्री हैं। इससे पहले, तेज प्रताप यादव ने उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आयोजित चूड़ा दही भोज में भी भाग लिया।

गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया जाएगा। इस भोज में उन्होंने बिहार के अनेक मंत्रियों और एनडीए के नेताओं को आमंत्रित किया है। दिलचस्प बात यह होगी कि इस चूड़ा-दही भोज में कौन-कौन से नेता शिरकत करते हैं।

पहले, लालू यादव हर साल इस प्रकार का आयोजन करते रहे हैं। हालांकि, तेज प्रताप यादव राजद और लालू परिवार से निष्कासित हो चुके हैं, लेकिन वे अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ाने के प्रति गंभीर दिखाई दे रहे हैं। बिहार के राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि तेज प्रताप इस भोज के माध्यम से नए राजनीतिक समीकरण स्थापित करने का प्रयास कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेज प्रताप यादव का चूड़ा दही भोज कब है?
तेज प्रताप यादव का चूड़ा दही भोज 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
क्या तेज प्रताप यादव ने अपने परिवार को आमंत्रित किया है?
हाँ, तेज प्रताप यादव ने अपने माता-पिता और भाई तेजस्वी यादव को भोज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
चूड़ा दही भोज का आयोजन क्यों किया जा रहा है?
यह भोज मकर संक्रांति के अवसर पर पारिवारिक मिलन और राजनीतिक समीकरणों को समझने का एक तरीका है।
राष्ट्र प्रेस
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