क्या दिल्ली-एनसीआर में एक्सरसाइज ‘सुरक्षा चक्र’ की शुरुआत हुई है?

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क्या दिल्ली-एनसीआर में एक्सरसाइज ‘सुरक्षा चक्र’ की शुरुआत हुई है?

सारांश

दिल्ली-एनसीआर में एक नई पहल ‘सुरक्षा चक्र’ के तहत तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन संगोष्ठी शुरू की गई है। यह अभ्यास भूकंप और औद्योगिक रासायनिक खतरों से निपटने के लिए है और इसमें 18 जिले शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी एजेंसियों की भागीदारी होगी।

मुख्य बातें

‘सुरक्षा चक्र’ अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन में सुधार करना है।
यह दिल्ली-एनसीआर के 18 जिलों को कवर करेगा।
सभी एजेंसियों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
इसमें वास्तविक आपदा स्थिति आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम भारत को आपदा-प्रतिक्रिया के क्षेत्र में अधिक सक्षम और लचीला बनाएगा।

नई दिल्ली, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर में ‘सुरक्षा चक्र’ नामक एक्सरसाइज शुरू की गई है। यह एक तीन दिवसीय एकीकृत आपदा प्रबंधन संगोष्ठी और मॉक एक्सरसाइज है, जो विशेष रूप से भूकंप और औद्योगिक रासायनिक खतरों से निपटने की तैयारी पर केंद्रित है। इस अभ्यास में सैन्य बलों और अन्य संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है, और यह दिल्ली के 11, हरियाणा के 5 और उत्तर प्रदेश के 2 जिलों सहित कुल 18 जिलों को कवर करेगा。

यह एनसीआर में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसे देश के सबसे घनी आबादी वाले और जटिल शहरी क्षेत्रों में लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में मंगलवार से ‘एक्सरसाइज सुरक्षा चक्र’ का आयोजन शुरू हुआ। यह अभ्यास दिल्ली एरिया के मुख्यालय द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (एसडीएमए) के समन्वय से आयोजित किया जा रहा है।

इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन की योजना रूपरेखाओं को परखना, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करना और व्यापक गवर्नमेंट अप्रोच के तहत संयुक्त प्रतिक्रिया को सशक्त बनाना है। इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में राजेंद्र सिंह, प्रमुख, एनडीएमए, और लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, जीओसी-इन-सी, वेस्टर्न कमांड ने भाग लिया।

उन्होंने आपदा-प्रवण क्षेत्रों की पहचान, जोखिम मूल्यांकन, और संसाधनों की अग्रिम तैनाती की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार, जीओसी, दिल्ली एरिया ने क्षेत्र की आपदा आशंकाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी और बताया कि विभिन्न एजेंसियां उनके समाधान हेतु कैसे कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान एनडीआरएफ और विभिन्न निजी विक्रेताओं द्वारा अत्याधुनिक राहत और बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

इस तीन दिवसीय आयोजन में एक टेबल टॉप अभ्यास और 01 अगस्त 2025 को एक वास्तविक आपदा स्थिति आधारित मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी एजेंसियों की भागीदारी रहेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह संगोष्ठी आपदा प्रबंधन में संयुक्त तंत्रों को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह अभ्यास जमीनी अनुभव को रणनीतिक योजना से जोड़ते हुए भारत को आपदा-प्रतिक्रिया के क्षेत्र में अधिक सक्षम और लचीला बनाएगा, जिससे प्रभाव को न्यूनतम कर पुनर्प्राप्ति की प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि ‘सुरक्षा चक्र’ एक्सरसाइज एक साहसिक कदम है। यह न केवल आपदा प्रबंधन में सुधार करेगा, बल्कि विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा देगा। यह पहल हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक सजग और तैयार बनाएगी।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

‘सुरक्षा चक्र’ का उद्देश्य क्या है?
यह अभ्यास आपदा प्रबंधन की योजना रूपरेखाओं को परखने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करने के लिए है।
कौन-कौन से जिले इस अभ्यास में शामिल हैं?
दिल्ली के 11, हरियाणा के 5 और उत्तर प्रदेश के 2 जिलों सहित कुल 18 जिले शामिल हैं।
यह अभ्यास कब और कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
यह अभ्यास 29 जुलाई से दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में शुरू हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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