दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेश से जुड़े मोबाइल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 163 चोरी के फोन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के साउथ जिले ने 25 मई 2026 को बांग्लादेश से जुड़े एक कथित अंतरराष्ट्रीय मोबाइल फोन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के दो प्रमुख रिसीवरों को गिरफ्तार किया। एक समन्वित अंतरराज्यीय अभियान में कुल 163 चोरी, छीने और लूटे गए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
अभियान की शुरुआत कैसे हुई
साउथ जिले के ऑटो चोरी रोधी दस्ते (AATS) को 19 मई को खुफिया जानकारी मिली कि दो व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर से चोरी के मोबाइल फोन पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेज रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ओखला विहार में छापा मारा।
छापे में अब्दुल समीम (23 वर्ष) और अहिदुज्जमान (35 वर्ष) — दोनों पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के निवासी — को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 5 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए, जो दिल्ली की अलग-अलग ई-एफआईआर से जुड़े थे।
गुरुग्राम गोदाम से बड़ी बरामदगी
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि हाल ही में कूरियर चैनलों के जरिए पश्चिम बंगाल में चोरी के फोनों की एक बड़ी खेप भेजी गई थी। तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने गुरुग्राम स्थित एक गोदाम में संदिग्ध खेपों को जब्त कर 158 अतिरिक्त चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए।
इस पूरे अभियान में 163 मोबाइल फोन के अलावा कूरियर खेप, पैकेजिंग सामग्री, कूरियर स्लिप, चालान और अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं भी जब्त की गईं।
गिरोह का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह एक संगठित तरीके से काम करता था — दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अपराधियों से चोरी और छीने गए फोन खरीदना, कूरियर सेवाओं के जरिए पश्चिम बंगाल भेजना और फिर कथित तौर पर उन्हें बांग्लादेश के अवैध बाजारों में बेचने के लिए तस्करी करना। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में फैले इस गिरोह के अंतर्संबंधों की आगे जांच जारी है।
कहाँ-कहाँ से जुड़े हैं मामले
बरामद फोनों को राष्ट्रीय राजधानी के दिल्ली कैंट, पटेल नगर, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, कोतवाली, कीर्ति नगर, हौज काजी, पालम, कश्मीरी गेट, सिविल लाइंस और दरियागंज थानों में दर्ज चोरी व छीना-झपटी के कई मामलों से जोड़ा गया है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से प्राप्त कई एलआर प्रविष्टियों की भी जांच की जा रही है।
अभियान का नेतृत्व
यह अभियान इंस्पेक्टर उमेश यादव के नेतृत्व में अतिरिक्त डीसीपी (ऑपरेशन) अरविंद कुमार की देखरेख में चलाया गया। पुलिस ने कहा कि त्वरित तकनीकी निगरानी, समन्वित अंतरराज्यीय कार्रवाई और कूरियर खेपों की समय पर जब्ती ने इस सफलता को संभव बनाया। शेष फोनों को अनलॉक कर उनके स्वामित्व की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।