दिल्ली पुलिस ने सीमा-पार ड्रग सिंडिकेट तोड़ा, ₹3.72 करोड़ नकद फ्रीज — 1976 के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पूर्व जिले ने 19 अक्टूबर 2026 को नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक संगठित सीमा-पार सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए ₹3.72 करोड़ की अवैध नकदी फ्रीज करने का आदेश हासिल किया। अधिकारियों के अनुसार, यह 1976 में उत्तर भारत के लिए सक्षम प्राधिकारी की स्थापना के बाद से अब तक की सबसे बड़ी फ्रीजिंग कार्रवाई है।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में NDPS अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान सक्षम प्राधिकारी के ज़रिए ₹3,71,98,560 की नकदी को फ्रीज करने का आदेश प्राप्त किया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि यह धनराशि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ी हो सकती है।
जांच की शुरुआत स्थानीय स्तर पर नशीला पदार्थ बेचने वाले कुछ लोगों की गिरफ्तारी से हुई थी। आगे की जांच में हरियाणा के फरीदाबाद में सक्रिय बिचौलियों, आपूर्तिकर्ताओं और बड़े स्टॉकिस्टों तक नेटवर्क की कड़ियाँ उजागर हुईं।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने इस सिंडिकेट के कथित तौर पर 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किरण उर्फ राम प्रसाद, नीरज उर्फ थापा, अशोक उर्फ रामू, मनिया उर्फ सुमन पाठक, विक्की, गुड्डू, सुनीत उर्फ नन्हे और गोपी सिंह के रूप में की गई है।
जांच के दौरान लगभग 1.383 किलोग्राम 'स्मैक' बरामद की गई है। आरोपी सुनीत उर्फ नन्हे को फ्रीजिंग ऑर्डर की एक प्रति सौंपी जा चुकी है। वहीं, गोपी सिंह फरीदाबाद में दर्ज एक अन्य मामले के सिलसिले में फिलहाल फरीदाबाद जेल में बंद है, और जेल प्रशासन के माध्यम से उसे भी यह आदेश औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा।
वित्तीय जांच का दायरा
अधिकारियों के अनुसार, फ्रीज की गई धनराशि के स्रोत, लेनदेन के नेटवर्क और इससे जुड़े व्यक्तियों की पहचान के लिए विस्तृत वित्तीय जांच एवं ट्रैकिंग जारी है। गौरतलब है कि यह कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं रही — बल्कि ड्रग मनी की वित्तीय कड़ियों को तोड़ने की दिशा में भी यह एक उल्लेखनीय कदम है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में वृद्धि को लेकर प्रवर्तन एजेंसियाँ लंबे समय से दबाव में हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और पूरी वित्तीय कड़ियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़ी संपत्तियों की भी पहचान की जा रही है।