22 अक्टूबर 2026
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दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय हेरोइन नेटवर्क तोड़ा, 7 गिरफ्तार; ₹60 करोड़ की ड्रग्स जब्त

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दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय हेरोइन नेटवर्क तोड़ा, 7 गिरफ्तार; ₹60 करोड़ की ड्रग्स जब्त

सारांश

दिल्ली से झारखंड तक फैला यह हेरोइन नेटवर्क सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि अफीम की खेती से लेकर हेरोइन निर्माण और बिक्री तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला था। एक महीने की निगरानी में रोहिणी स्पेशल स्टाफ ने 7 राज्यों में छापे मारकर ₹60 करोड़ की ड्रग्स जब्त की।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड में फैले अंतरराज्यीय हेरोइन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
अभियान में 7 आरोपी गिरफ्तार ; 8.128 किलोग्राम हेरोइन और ₹60 करोड़ मूल्य की ड्रग्स जब्त।
लखनऊ के जानकीपुरम में हेरोइन निर्माण इकाई का भंडाफोड़; कथित संचालक रुखसार अली उर्फ राजू गिरफ्तार।
झारखंड के चतरा से प्रकाश कुमार गिरफ्तार — अपनी भूमि पर अवैध अफीम खेती का आरोप।
जब्त सामग्री में ₹12.81 लाख नकद , 3 एसयूवी , 1 मोटरसाइकिल और हेरोइन निर्माण उपकरण शामिल।
अभियान की शुरुआत 16 सितंबर को हुई थी; कुल एक महीने से अधिक की जाँच के बाद नेटवर्क ध्वस्त।

दिल्ली पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को हेरोइन के उत्पादन और वितरण में लिप्त एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसकी जड़ें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक फैली थीं। इस अभियान में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 8.128 किलोग्राम हेरोइन समेत कुल ₹60 करोड़ की नशीली सामग्री बरामद की गई।

अभियान की शुरुआत और पहली गिरफ्तारियाँ

'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत रोहिणी जिले के स्पेशल स्टाफ ने यह कार्रवाई शुरू की। 16 सितंबर को पुलिस को बेगमपुर थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की आवाजाही की सूचना मिली, जिस पर टीम ने बेगमपुर के सेक्टर 32 में जाल बिछाया।

इस दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर हरियाणा के रोहतक निवासी 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा को गिरफ्तार किया गया। उनकी कार से 300 ग्राम हेरोइन और ₹3 लाख नकद बरामद हुए।

17 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत से 51 वर्षीय अनिल उर्फ भोला को दबोचा गया, जिसकी कार से 501 ग्राम हेरोइन मिली। अनिल पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पहले भी एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार हो चुका था। अंतरिम जमानत मिलने के बाद सरेंडर न करने पर अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया था।

लखनऊ में हेरोइन निर्माण इकाई का भंडाफोड़

तकनीकी निगरानी और पूछताछ के आधार पर 4 अक्टूबर को पुलिस उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित जानकीपुरम की सीता कॉलोनी में एक हेरोइन निर्माण इकाई तक पहुँची। वहाँ से 35 वर्षीय बबलू को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 6.275 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।

इसके अलावा इस ठिकाने से 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, एक गैस सिलेंडर, मिक्सर-ग्राइंडर, बर्तन, टब, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए गए।

बबलू की पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से रुखसार अली उर्फ राजू को गिरफ्तार किया। जाँचकर्ताओं के अनुसार, रुखसार इस निर्माण इकाई का कथित मालिक और मुख्य सप्लायर है। वह पहले भी एनडीपीएस से जुड़े तीन मामलों में शामिल रहा है।

कच्ची अफीम की आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश

6 अक्टूबर को बरेली में ही 38 वर्षीय अजाज अहमद को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह रुखसार को कच्ची अफीम सप्लाई करता था। उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।

16 अक्टूबर को यूपी के बदायूं से 20 वर्षीय मोहम्मद अजहर को पकड़ा गया। आरोप है कि वह अजाज को हेरोइन और कच्ची अफीम सप्लाई करता था। उसके पास से 551 ग्राम हेरोइन, ₹9,81,700 नकद और एक कार जब्त की गई।

इस श्रृंखला की तह तक पहुँचते हुए 18 अक्टूबर को पुलिस टीम झारखंड के चतरा जिले पहुँची, जहाँ 31 वर्षीय प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया गया। प्रकाश कुमार पर अपनी कृषि भूमि पर अवैध अफीम की खेती करने और अन्य आरोपियों को कच्ची अफीम सप्लाई करने का आरोप है।

जब्त सामग्री का विवरण

इस पूरे अभियान में पुलिस ने कुल मिलाकर 8.128 किलोग्राम हेरोइन, हेरोइन निर्माण में प्रयुक्त 3.291 किलोग्राम रसायन व कच्चा माल, ₹12.81 लाख नकद, तीन एसयूवी, एक मोटरसाइकिल और उत्पादन उपकरण जब्त किए। जब्त हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत लगभग ₹60 करोड़ आंकी गई है।

आगे की जाँच

गौरतलब है कि इस नेटवर्क में सप्लायरों, एक हेरोइन निर्माण इकाई और अफीम की अवैध खेती से जुड़े व्यक्तियों के बीच एक संगठित संबंध उजागर हुआ है, जो इसे महज तस्करी नहीं बल्कि उत्पादन से वितरण तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला बनाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जाँच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित उत्पादन-से-वितरण श्रृंखला का पर्दाफाश है — अफीम की अवैध खेती, रासायनिक प्रसंस्करण और अंतरराज्यीय वितरण, सब एक ही नेटवर्क में। यह इस बात की याद दिलाता है कि भारत में नशे की तस्करी तेजी से कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक ऊर्ध्वाधर रूप से एकीकृत होती जा रही है। रोहिणी स्पेशल स्टाफ की यह सफलता 'नशा मुक्त भारत अभियान' की प्रभावशीलता का एक उदाहरण है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतने बड़े नेटवर्क को इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होने दिया गया। झारखंड में अवैध अफीम की खेती और उत्तर प्रदेश में निर्माण इकाइयों का अस्तित्व राज्य-स्तरीय निगरानी तंत्र पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है?
दिल्ली पुलिस ने हेरोइन के उत्पादन और वितरण में लिप्त एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक फैला था। इस नेटवर्क में अफीम की खेती से लेकर हेरोइन निर्माण और उसकी बिक्री तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला शामिल थी।
इस अभियान में कितनी ड्रग्स और नकदी जब्त की गई?
पुलिस ने कुल 8.128 किलोग्राम हेरोइन जब्त की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹60 करोड़ है। इसके अलावा ₹12.81 लाख नकद, हेरोइन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 3.291 किलोग्राम रसायन व कच्चा माल, तीन एसयूवी, एक मोटरसाइकिल और उत्पादन उपकरण भी जब्त किए गए।
इस नेटवर्क का मुख्य सरगना कौन है?
जाँचकर्ताओं के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली से गिरफ्तार रुखसार अली उर्फ राजू को लखनऊ स्थित हेरोइन निर्माण इकाई का कथित मालिक और मुख्य सप्लायर माना जा रहा है। वह पहले भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन मामलों में शामिल रहा है।
अभियान की शुरुआत कब और कहाँ से हुई?
यह अभियान 16 सितंबर को शुरू हुआ जब पुलिस को दिल्ली के बेगमपुर थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की आवाजाही की सूचना मिली। रोहिणी जिले के स्पेशल स्टाफ ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत यह कार्रवाई की और लगभग एक महीने की जाँच के बाद पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया।
अफीम की खेती किसके खिलाफ आरोप है और कहाँ?
झारखंड के चतरा जिले से गिरफ्तार 31 वर्षीय प्रकाश कुमार पर अपनी कृषि भूमि पर अवैध रूप से अफीम की खेती करने और अन्य आरोपियों को कच्ची अफीम सप्लाई करने का आरोप है। वह इस नेटवर्क की सप्लाई श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण कड़ी था।
राष्ट्र प्रेस
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