दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय हेरोइन नेटवर्क तोड़ा, 7 गिरफ्तार; ₹60 करोड़ की ड्रग्स जब्त
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को हेरोइन के उत्पादन और वितरण में लिप्त एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसकी जड़ें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक फैली थीं। इस अभियान में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 8.128 किलोग्राम हेरोइन समेत कुल ₹60 करोड़ की नशीली सामग्री बरामद की गई।
अभियान की शुरुआत और पहली गिरफ्तारियाँ
'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत रोहिणी जिले के स्पेशल स्टाफ ने यह कार्रवाई शुरू की। 16 सितंबर को पुलिस को बेगमपुर थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की आवाजाही की सूचना मिली, जिस पर टीम ने बेगमपुर के सेक्टर 32 में जाल बिछाया।
इस दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर हरियाणा के रोहतक निवासी 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा को गिरफ्तार किया गया। उनकी कार से 300 ग्राम हेरोइन और ₹3 लाख नकद बरामद हुए।
17 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत से 51 वर्षीय अनिल उर्फ भोला को दबोचा गया, जिसकी कार से 501 ग्राम हेरोइन मिली। अनिल पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पहले भी एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार हो चुका था। अंतरिम जमानत मिलने के बाद सरेंडर न करने पर अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया था।
लखनऊ में हेरोइन निर्माण इकाई का भंडाफोड़
तकनीकी निगरानी और पूछताछ के आधार पर 4 अक्टूबर को पुलिस उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित जानकीपुरम की सीता कॉलोनी में एक हेरोइन निर्माण इकाई तक पहुँची। वहाँ से 35 वर्षीय बबलू को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 6.275 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।
इसके अलावा इस ठिकाने से 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, एक गैस सिलेंडर, मिक्सर-ग्राइंडर, बर्तन, टब, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए गए।
बबलू की पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से रुखसार अली उर्फ राजू को गिरफ्तार किया। जाँचकर्ताओं के अनुसार, रुखसार इस निर्माण इकाई का कथित मालिक और मुख्य सप्लायर है। वह पहले भी एनडीपीएस से जुड़े तीन मामलों में शामिल रहा है।
कच्ची अफीम की आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश
6 अक्टूबर को बरेली में ही 38 वर्षीय अजाज अहमद को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह रुखसार को कच्ची अफीम सप्लाई करता था। उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।
16 अक्टूबर को यूपी के बदायूं से 20 वर्षीय मोहम्मद अजहर को पकड़ा गया। आरोप है कि वह अजाज को हेरोइन और कच्ची अफीम सप्लाई करता था। उसके पास से 551 ग्राम हेरोइन, ₹9,81,700 नकद और एक कार जब्त की गई।
इस श्रृंखला की तह तक पहुँचते हुए 18 अक्टूबर को पुलिस टीम झारखंड के चतरा जिले पहुँची, जहाँ 31 वर्षीय प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया गया। प्रकाश कुमार पर अपनी कृषि भूमि पर अवैध अफीम की खेती करने और अन्य आरोपियों को कच्ची अफीम सप्लाई करने का आरोप है।
जब्त सामग्री का विवरण
इस पूरे अभियान में पुलिस ने कुल मिलाकर 8.128 किलोग्राम हेरोइन, हेरोइन निर्माण में प्रयुक्त 3.291 किलोग्राम रसायन व कच्चा माल, ₹12.81 लाख नकद, तीन एसयूवी, एक मोटरसाइकिल और उत्पादन उपकरण जब्त किए। जब्त हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत लगभग ₹60 करोड़ आंकी गई है।
आगे की जाँच
गौरतलब है कि इस नेटवर्क में सप्लायरों, एक हेरोइन निर्माण इकाई और अफीम की अवैध खेती से जुड़े व्यक्तियों के बीच एक संगठित संबंध उजागर हुआ है, जो इसे महज तस्करी नहीं बल्कि उत्पादन से वितरण तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला बनाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जाँच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।